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भाजपा सरकार ने की सदानों की हितों की अनदेखी, सचेत नहीं हुए तो कश्मीरी पंडितों की तरह होगा हाल: राजेंद्र प्रसाद

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2018, 06:06 PM IST

भाजपा के शीर्ष नेता जो सदान मोर्चा को आश्वासन दिया था उसे पूरा करें और नहीं तो 2019 मे 2004 को पुनः दोहराएंगे।

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रांची. सदान मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को सदानों का वोट मिलता रहा है। उसमें से सबसे ज्यादा संख्या मे सदान मतदाता भाजपा को वोट देते आए हैं। लेकिन भाजपा सरकार हमेशा से सदानों की अनदेखी करती आई है। उक्त बातें प्रसाद ने मंगलवार को कोकर स्थित ग्रैंड ऑकेजन हॉल में आयोजित झारखंड में सदानों के वर्तमान एवं भविष्य विषय पर आयोजित गोष्ठी में कही। रांची में सात अक्टूबर को सदान अधिकार महारैली का भी निर्णय गोष्ठी के दौरान लिया गया।

जयपाल मुंडा जानते थे सदानों की अहमियत
उन्होंने कहा कि मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा भी सदानों की अहमियत को जानते थे। इसी कारण सदानों को अपने साथ जोड़ने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी आदिवासी सभा को भंग कर झारखण्ड पार्टी बनाई। सदानों के समर्थन के बाद 1952 के विधानसभा चुनाव में 35 सीटों पर विजय हासिल की थी। प्रसाद ने कहा कि सरकार सिर्फ वोट बैंक के रुप मे सदानों को इस्तेमाल करती है। अफसोस की बात है कि मारंग गोमके के बाद क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने कभी भी सदान वर्ग को तरजीह नही दी और न ही कभी सदानों का दिल जीतने का प्रयास किया। उन्होंने ने यह भी कहा कि सदान अब भी अपने अधिकार के प्रति सचेत नहीं हुए तो कश्मीरी पंडितों की तरह झारखण्ड से एक दिन निकाल दिये जाऐंगे।

सदान मोर्चा को दिए गए आश्वासन को पूरा करें भाजपा के शीर्ष नेता
केन्द्रीय सचिव अजित विश्वकर्मा ने कहा भाजपा के शीर्ष नेता जो सदान मोर्चा को आश्वासन दिया था उसे पूरा करें और नहीं तो 2019 मे 2004 को पुनः दोहराएंगे। केन्द्रीय प्रवक्ता शिक्षाविद् डा. अनिल मिश्रा ने कहा कि सदानों के अधिकार बाहरी लोग ले रहे हैं। सांसद विधायक बनने की बात तो दूर है। शिक्षण संस्थान या फिर किसी भी आयोग के अध्यक्ष सचिव या सदस्य बनाने से लेकर राष्ट्रीय संगठन में भी जगह नहीं दी गयी। अरुण कश्यप ने कहा कि सदान बहुत बड़ी शक्ति है जो इसे पहचान लेगा वही झारखण्ड में राज करेगा। शिक्षाविद् डा. रामप्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय दलों ने यहां के किसी सदान या जनजाति को किसी दूसरे राज्यों से लोकसभा या फिर राज्यसभा में नहीं भेजा। डा. उमेश तिवारी ने कहा कि हम जनजातियों को मिलने वाली सुविधाओं का विरोध नहीं करते लेकिन सदानों की बात आती है तो सरकार चुप्पी साध लेती है। शिक्षाविद् डा. जनार्दन प्रसाद ने आशा व्यक्त की आगामी चुनाव मे परिवर्तनकर्ता की भूमिका मे सदान होंगे। कार्यक्रम में किशोर गंझू, मनोज वर्मा, शिवनारायण गंझू, मोतीलाल पंडित, हेमंत यादव के अलावे महेन्द्र ठाकुर, विशाल कुमार, सुरेश श्रीवास्तव, प्रमोद शर्मा प्रदीप साहू, सयुम अंसारी, प्रो प्रेमसागर केशरी ने भी संबोधित किया। संचालन लक्ष्मी नारायण प्रसाद ने किया।

फोटो- कौशल आनंद।

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