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डाउनलोड करेंसोनीपत. बेटियों को बचाने की जिद में सोनीपत हाल में खूब नाम कमा रहा है, यहां के डीसी को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर काम करने पर प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया है, लेकिन झूठी शान के लिए बेटियों का कत्ल करने की घटनाओं ने सोनीपत को देश भर में शर्मसार कर दिया है। जिस बेटी को लाड़ से पाला, उसकी एक गलती को सुधारने का मौका भी नहीं दिया गया। यहां अपनों ने ही बेटी की हत्या की और फिर शव को जला दिया। परंतु इंसाफ भी हुआ।
कोर्ट ने तीन चर्चित मामलों में करीब तीन माह के अंदर आए फैसलों में उम्रकैद की सजा सुनाई है। कुल 13 लोगों को उम्रकैद हो चुकी है। इसमें पिता, मां, बहन, चाचा, मामा व सगे व चचेरे भाई शामिल है। आॅनर किलिंग के यह केस दफन हो जाते अगर इनके खिलाफ समाज के कुछ लोग आवाज न उठाते। तीनों ही मामलों में बहुत सफाई से बेटियों की हत्या की गई, लेकिन हत्यारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए कहीं दादा ने आवाज उठाई तो कहीं चौकीदार ने, तो कहीं पूर्व सरपंच ने। अब इन द्वारा उठाई गई आवाज के कारण ही 13 को उम्रकैद की सजा हुई।
यह तीन केस, इन्हें हुई उम्रकैद की सजा
आनर किलिंग के मामलों को लेकर जहां सोनीपत 2016 में चर्चा में रहा था, वहीं अब कोर्ट से कड़ी सजा मिलने के कारण फिर से यह मामले हर व्यक्ति की जुबान पर हंै। गांव किलोहड़द, मातंड के बाद अब बिधल गांव के आॅनर किलिग कें केस में न्याय करते हुए कोर्ट ने सभी हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जेबीटी कर रही थी, जहर दिया खेत में ले जाकर मार डाला
पहला मामला : ये मार्मिक घटना गांव किलोहड़द की थी। यहां एक लड़की जेबीटी की पढ़ाई कर रही थी। उसका डबरपुर गांव के ही एक युवक से प्रेम प्रसंग था। लड़की उस युवक के साथ शादी करना चाहती थी। लेकिन उसी गांव में लड़की के मामा भी थे। जब मां-बाप व अन्य परिवार वालों को इस बात का पता चला तो उन्होंने लड़की को शादी करने से साफ मना कर दिया। उसको प्रताड़ित किया गया। परिजनों ने झूठी शान के लिए बेटी की जहर देकर खेत में ले जाकर हत्या कर दी और फिर चुपके से शव जला दिया था। कोर्ट ने मां, पिता व मामा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
मातंड गांव की घटना: बीए कर रही थी बेटी, मारकर जला दिया था
दूसरा मामला : मातंड गांव निवासी बलराज की बेटी राजकीय काॅलेज, गोहाना में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ती थी। उसका किसी लड़के के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की स्वीटी युवक के साथ घर से चली गई थी। कुछ दिन बाद परिजन उसे समझाकर घर ले आए थे। इसके बाद एक जुलाई, 2016 को झूठी शान के लिए बेटी की हत्या कर दी थी। हत्या केवल झूठी शान को लेकर की गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले को दबाने के लिए अारोपियों ने उसके शव को आग लगा दी थी। मामले में बलराज के साथ ही उसके भाई राजू व सुरेश, पत्नी व बेटी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
धमकाने के बाद भी मार डाला पहले जहर दिया, फिर जलाया
तीसरा मामला : बिधल निवासी रणवीर के पास तीन लड़के व पांच बेटियां है। सबसे छोटी लड़की जिसकी उम्र 17 साल थी वह पांच सितंबर 2016 को गांव के ही एक लड़के साथ मिली थी। जिस पर नाबालिग के परिजनों ने उसके खूब धमकाया था। परंतु इसके बाद भी मन में रंजिश रखे रहे और बेटी की जहर देकर पहले हत्या की और फिर उसे जला दिया था। अब कोर्ट ने भाई सोनू पुत्र रणवीर, संदीप पुत्र रणवीर, राजबाला पत्नी रणवीर, मुकेश पुत्र रणवीर व चचेरे भाई कृष्ण पुत्र कर्मवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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