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रेजिडेंशियल कॉलोनियों का सीवर जाम हो रहा हाईवे पर बने अवैध होटलों से
जीरकपुर में नियमों के बाहर बने होटल्स यहां की दर्जनभर कॉलोनियों के लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। वजह यह है कि इन होटल्स की किचन से लेकर रूम्स तक का सारा गारबेज बिना ट्रीट किए सीवर लाइनों में डाला जा रहा है। होटल्स के रूम्स के अंदर से और किचन से जिस तरह का गारबेज सीवर लाइनों में जा रहा है, उससे वे लाइनें ब्लाॅक हो रही हैं। यह सीवर लाइन यहां के रेजिडेंशियल एरिया के लिए है लेकिन इसे होटल्स वालों ने भी इस्तेमाल किया है। जब एक जगह सीवर लाइन जाम हो जाती है तो सैकड़ों परिवारों का घर का सीवर रुक जाता है। जीरकपुर एमसी के अधिकारियों को देखना चाहिए कि होटल्स संचालकों के लिए म्युनिसिपल बायलाॅज बने हैं तो फिर इसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। यहां के कई लोगों की ओर से शिकायत मिलती है कि होटल्स वालों को इस काम से रोकें। होटल्स वालों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए हैं इस कारण यहां लाइनें ब्लाक हो रही हैं। सभी होटल्स को अपने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने चाहिए। सीवर लाइनों में ट्रीटेड वाटर आएगा तो लाइनें ब्लाक नहीं होंगी।
नहीं कर रहे नियमों की परवाह: पंचकूला रोड पर करीब एक दर्जन छोटे बड़े होटल्स हैं। रोजाना इनमें पार्टियां, शादी के समारोह, कमरों की बुकिंग होती है। अच्छी खासी कमाई के बावजूद खुद का ट्रीटमेंट प्लांट न लगाकर एमसी की सीवर लाइनों में गारबेज को छोड़ना गलत है। यहां लोग अब इन होटल्स के खिलाफ रोष पर्दशन करने के लिए तैयार है। वहीं रहने वाले सतिंदर सिंह ने कहा कि जीरकपुर नगर परिषद को इस बात का पता करना चाहिए कि होटल्स की क्षमता के अनुसार उसमें कितना बड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगना चाहिए। अगर वह होटल संचालक ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाता है तो उसकी कीमत के बराबर होटल्स चालक को जुर्माना करना चाहिए। तब सभी ट्रीटमेंट प्लांट लगाएंगे। सालों से एमसी की लाइनों का बिना ट्रीटेड वाटर को छोड़ने के लिए भी जुर्माना करना चाहिए। जीरकपुर एमसी को चंडीगढ़ म्युनिसिपल कार्पोरेशन के बायलाॅज देखने चाहिए।
मनवीर सिंह गिल, ईओ ने कहा कि सभी होटल्स की चेकिंग की जाएगी। जिनकी वजह से यहां सीवर लाइनें ब्लाक हो रहीं है उन पर कार्रवाई की जाएगी। होटल्स का अपना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना ही चाहिए।
होटल्स के पास नियम के मुताबिक खुद के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं।