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कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन: सुप्रीम कोर्ट

एक वर्ष पहले
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{चीन में पिछले 24 घंटे में सिर्फ वुहान के अलावा कहीं से मामला सामने नहीं आया

राहुल बोले- सिंधिया इकलौते शख्स, जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे

कभी कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बेहद करीबी रहे पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में चले गए। इसके कई कारण बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा है कि सिंधिया ने पार्टी छोड़ने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। हालांकि, राहुल ने कहा कि सिंधिया इकलौते ऐसे शख्स थे, जो उनके घर कभी भी आ सकते थे। सिंधिया ने इस्तीफे की चिट्‌ठी ट्वीट की, पर किसी प्रमुख कांग्रेस नेता ने उन्हें वापस लाने की कोशिश नहीं की।

{हाईकमान सतर्क नहीं हुआ: कांग्रेस नेताओं अजय माकन, रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को कहा था- पुरानी पीढ़ी को युवा नेताओं के लिए धीरे-धीरे रास्ता बनाना चाहिए। अगर दल समय के साथ अपने नेतृत्व में बदलाव नहीं करते तो लोग दल ही बदल देते हैं।

पाक में 50% महिलाओं के पास मोबाइल: रिपोर्ट

इस्लामाबाद| 81% पाकिस्तानी पुरुषों की तुलना में सिर्फ 50% महिलाओं के पास ही मोबाइल फोन हैं। वहीं 37% पाकिस्तानी पुरुषों के मुकाबले में सिर्फ 19% महिलाएं ही मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करती हैं। दुनियाभर में मोबाइल ऑपरेटर्स के हितों का ध्यान रखने वाली संस्था सीएसएमए की रिपोर्ट में यह दावा किया है। संस्था ने 15 देशों में सर्वेक्षण किया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोबाइल फोन के स्वामित्व में सबसे बड़ी बाधा इसे खरीदने में सक्षम होने की है। इसके अलावा महिलाओं में जागरूकता की कमी, उनमें निरक्षरता और डिजिटल जानकारी कम होना भी बड़ी वजह है। भारत में 90% पुरुषों की तुलना में 63% महिलाएं मर्जी का मोबाइल खरीदती हैं। सबसे कम अंतर इंडोनेशिया में है, जहां 91% पुरुष और 86% महिलाओं के अपने मोबाइल फोन हैं।

राणा कपूर काे काेर्ट ने 16 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेजा


मुंबई| मुंबई की पीएमएलए काेर्ट ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत को 16 मार्च तक बढ़ा दी है। ईडी अधिकारियाें ने बुधवार काे हिरासत अवधि पूरी हाेने पर कपूर को काेर्ट में पेश किया था। कपूर को शनिवार रात पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। ईडी ने सात दिन की हिरासत मांगी थी। कपूर को प्रवर्तन निदेशालय को 11 मार्च तक मुंबई की विशेष अवकाश अदालत द्वारा रविवार को सौंप दिया गया। कपूर की पांच दिन की हिरासत के लिए अनुरोध करते हुए ईडी ने यस बैंक और डीएचएफएल की वित्तीय गड़बड़ियाें की जानकारी काेर्ट काे मौखिक रूप से दी।

भारत ने पाकिस्तान काे यूएनएचअारसी में फटकारा

जिनेवा | भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बैठक में जम्मू-कश्मीर पर मानवाधिकार का उल्लंघन का अाराेप लगाने वाले पाकिस्तान काे करारा जवाब दिया है। भारत ने पाकिस्तान पर कश्मीर मुद्दे पर पूरी दुनिया काे गुमराह करने का अाराेप लगाया अाैर कहा कि अपने यहां अातंकवादी कैंपाें काे राेक पाने नाकाम पाकिस्तान काे मानवाधिकाराें पर भारत काे सीख देने की जरूरत नहीं है। यूएनएचअारसी के 43वें सत्र में भारत के विदेश मंत्रालय में भारत-प्रशांत की डायरेक्टर रचिता भंडारी ने पाकिस्तान के अाराेपाें का बुधवार काे जवाब दिया। भंडारी ने कहा कि कश्मीर मेें अशांति फैलाने के लिए अातंकवाद काे इस्तेमाल कर रहा देश अंतरराष्टीय समुदाय काे लंबे समय तक गुमराह नहीं रख सकता है। उसकी पाेल खुल चुकी है। रचिता भंडारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इससे वाकिफ है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है अाैर रहेगा। पाकिस्तान के कश्मीर अशांति फैलाने की बार-बार काेशिश की है, लेकिन अब वह इसमें कामयाब नहीं हाे पाएगा, क्याेंकि केंद्रशासित जम्मू-कश्मीर में अब विकास का पहिया अागे बढ़ चुका है। सत्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने भारत पर अनुच्छेद-370 हटाने काे लेकर अाराेप लगाया था कि भारत ने क्षेत्र के लाेगाें के मानवाधिकाराें का हनन कर रहा है।

2036 तक राष्ट्रपति रहना चाहते हैं पुतिन, संविधान बदलने का प्रस्ताव


एजेंसी | मॉस्को

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह उस कानून का समर्थन करेंगे, जिसके लागू होने पर उन्हें 2024 में राष्ट्रपति के रूप में पांचवां कार्यकाल चलाने की अनुमति मिलेगी। अप्रत्याशित रूप से रूस की संसद के निचले सदन में 27 साल पुराने संविधान को बदलने का प्रस्ताव लाया गया है। यह प्रस्ताव पारित होता है तो पुतिन 2036 तक राष्ट्रपति बने रह पाएंगे। संसद के निचले सदन ड्यूमा में यह प्रस्ताव रखा गया है। पुतिन ने कहा कि उनका मानना है कि उन्हें रूस की स्थिरता के लिए फिर से सत्ता में आना चाहिए। भले ही भविष्य के अध्यक्षों के लिए दो कार्यकाल की बाध्यता कायम रहे। ड्यूमा में यूनाइटेड रशिया पार्टी बहुमत में है, इसलिए माना जा रहा है कि प्रस्ताव पास हो जाएगा। इससे पुतिन को छह-छह साल के लिए दो और कार्यकाल पूरा करने का मौका मिल जाएगा। पुतिन का मौजूदा कार्यकाल 2024 में पूरा होने वाला है। पुतिन ने सांसद वेलेंतीन तेरेशकोवा की ओर से लाए गए प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए दो कार्यकाल को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है।

पाक, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका की जेलों में 1,487 भारतीय कैद हैं


एजेंसी | नई दिल्ली

नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की जेलों में 1,487 भारतीय कैदी बंद हैं। लापता सैनिकाें अाैर युद्ध कैदियाें सहित 83 लापता भारतीय पाक की हिरासत में हैं। लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने यह जानकारी दी। मुरलीधरन ने कहा कि सरकार ने युद्धबंदियाें अाैर सैनिकाें की रिहाई का मामला पाक के साथ लगातार उठाया है। हालांकि, पाकिस्तान ने लापता भारतीय रक्षाकर्मियों की मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया है।’ आंकड़ों के अनुसार, 31 जनवरी तक पाक में 337, बांग्लादेश में 157, नेपाल में 886 अाैर श्रीलंका में 107 भारतीय कैद हैं। इनमें ज्यादातर मछुअारे हैं। इन देशों की सरकारों ने हमारे दूतावासों को गिरफ्तारी के बारे में सूचित किया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, ईरान, पाक, कतर और श्रीलंका में पिछले तीन साल में 3,103 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था।

अफगान शांति समझौता: तालिबान कैदियों की रिहाई 14 मार्च से होगी

एजेंसी | काबुल

अफगानिस्तान में शांति समझाैते के तहत तालिबान कैदियाें की रिहाई 14 मार्च से शुरू हाे जाएगी। राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ गनी ने कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का अादेश जारी कर दिया है। पहले चरण में 1,500 कैदियों काे रिहा किया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति के अादेश के अनुसार 5,000 तालिबान कैदियों को धीरे-धीरे रिहा किया जाएगा। 3,500 तालिबान कैदियों को इंट्रा-अफगान वार्ता के दौरान और बाद में रिहा किया जाएगा। समझाैते के अनुसार रिहा हाेने वाले कैदियों को लिखित में देना हाेगा कि वे युद्ध के मैदान में नहीं लौटेंगे। राष्ट्रपति के मुख्य प्रवक्ता सेदिक सेदिक्की ने कहा कि शुरुअाती 15 दिनों में 1,500 तालिबान कैदियों को रिहा करेंगे। हर दिन 100 तालिबानी कैदियों को उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति और बाकी सजा के अाधार पर रिहा किया जाएगा।

मैक्सिकोः हिंसा के खिलाफ महिलाओं की हड़ताल से थम गया देश, पूछा- हमारे बिना दुनिया कैसी होगी, अंदाजा लगा लीजिए

पॉलिना विलेगास | मैक्सिको सिटी

राजधानी मैक्सिको सिटी के ज्यादातर इलाकों में सोमवार को वातावरण शांत था। ट्रैफिक से भरा रहने वाला शहर सूना पड़ा था। स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, बाजारों से महिलाएं गायब थीं। देश थम सा गया था। लेकिन इसकी वजह कोरोनावायरस नहीं, बल्कि वे महिलाएं थीं, जो अपने ऊपर हो रही हिंसा के खिलाफ हड़ताल पर थीं। हर तरफ सिर्फ पुरुष नजर आ रहे थे। महिलाओं के बिना खाली पड़ी जगहों की तस्वीरें दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हैं। यहां तक ​​कि राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर की डेली प्रेस ब्रीफिंग में भी कुर्सियां खाली थीं। महिला पत्रकारों ने इसका बहिष्कार किया था। महिलाओं ने अपराधियों के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए पूछा- देख लीजिए, हमारे बिना दुनिया कैसी हो जाएगी, इसका अंदाजा लगा लीजिए। मैक्सिको में रोज 10 महिलाओं को मार दिया जाता है। ऐसा ही चलता रहा, तो वे हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगी। एक्टिविस्ट लोरना वोल्फर ने कहा- एक ऐसे देश में रहना अब संभव नहीं है, जहां किसी महिला की निर्मम तरीके से हत्या कर दी जाती है, वह भी बिना किसी गुनाह के।

राष्ट्रपति ओब्रेडोर महिलाओं पर अत्याचारों के लिए अतीत की उदारवादी नीतियों को जिम्मेदार बताते हैं। उन्होंने हड़ताल को उचित बताया, लेकिन यह भी कहा कि विरोधी उन्हें नाकाम होते देखना चाहते हैं, इसलिए मार्च और हड़ताल को भड़का रहे हैं। इससे पहले महिला दिवस के मौके एक लाख से ज्यादा महिलाओं ने राजधानी की सड़कों पर उतरकर जश्न मनाया था।

राजीव की हत्या की दोषी नलिनी की जल्द रिहाई की याचिका खारिज हुई

एजेंसी | चेन्नई

मद्रास हाईकोर्ट ने राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी एस नलिनी की शीघ्र रिहाई की मांग ठुकरा दी है। नलिनी ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर कहा था कि तमिलनाडु मंत्रिमंडल ने उसे मिलाकर उम्रकैद के सात दोषियों को पहले ही रिहा करने का प्रस्ताव पारित किया है। उसने दलील दी कि राज्यपाल इस प्रस्ताव पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उसका लगातार जेल में रहना गैरकानूनी है। इस पर जस्टिस आर सुब्बैया की पीठ ने यह कहते हुए नलिनी की याचिका खारिज कर दी कि इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि दोषियों का जेल में रहना गैरकानूनी है।

देश में ऐसे अनगिनत लोग, जाे सस्ती लोकप्रियता के लिए न्यायपालिका की छवि धूमिल करने में नहीं हिचकिचाते, जज उनका आसान टारगेट: सीजेआई

पवन कुमार | नई दिल्ली

सुप्रीम काेर्ट ने जजों पर अकसर लगाए जाने वाले आरोपाें काे लेकर चिंता जताई है। भ्रष्टाचार करने की संभावना के चलते एक जज काे बर्खास्त करने के फैसले को पलटते हुए सुप्रीम काेर्ट ने जज को बहाल करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस बीआर गवई और सूर्य कांत की पीठ ने कहा कि देश में एेसे अनगिनत लोग हैं, जो सस्ती लोकप्रियता के लिए न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने में जरा भी नहीं हिचकिचाते। ऐसे लोगों से बार के असंतुष्ट सदस्य भी अकसर हाथ मिला लेते हैं। जज उनके लिए आसान टारगेट होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मार्च को उत्तर प्रदेश की पूर्व अतिरिक्त जिला जज साधना चौधरी की बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस ने आदेश में कहा कि 19वीं सदी से न्यायपालिका का एक सिद्धांत रहा है कि एक जज को उसके द्वारा सुने गए मुकदमे के नतीजे के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में न्यायिक अधिकारी ने किसानों का मुआवजा बढ़ाने का आदेश दिया था। किसी को राहत देने के न्यायिक दृष्टिकोण की वजह से किसी जज की ईमानदारी पर संदेह नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ईमानदार जजों पर एकतरफा हमले न हों।

यह था पूरा मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण में मुआवजा संबंधी मामलों में अनियमितता की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी ने 19 सितंबर 2004 को जज साधना चौधरी व कुछ अन्य जजों के खिलाफ एक रिपोर्ट दी थी। इसमें साधना चौधरी पर आरोप था कि उन्होंने जमीन अधिग्रहण के दो मामलों में किसानों को सरकार द्वारा तय मुआवजे से अतिरिक्त मुआवजा देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों मामलों के कारण अनुमान लगाया जा सकता है कि यह आदेश उन्होंने बाहरी विचारों से प्रभावित होकर दिए। ऐसे में वे ईमानदारी और कर्तव्य के साथ अपना न्यायिक कार्य करने में विफल रही और उन्होंने यूपी सरकार के सेवा आचरण नियम 1956 के रूल नंबर 3 के तहत कदाचार किया है। इस आरोप के आधार पर जज साधना चौधरी को 17 जनवरी 2006 को बर्खास्त कर दिया गया था। इसे उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

अमेरिका में सैनिक लगाए

चीन में नए केस कम, 11 अस्पताल बंद किए

कोरोनावायरस से जीतने की खुशी...

पार्टी छोड़ने से पहले राहुल और सोनिया से मिलना चाहते थे सिंधिया, समय नहीं दिया गया

ब्रिटेनः बजट के दौरान संसद के बाहर पर्यावरण कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, झड़प

दैनिक भास्कर से विशेष अनुबंध के तहत

पाकिस्तानः गणतंत्र दिवस की तैयारी कर रहा एफ-16 विमान क्रेश, पायलट की मौत

मैक्सिकोः दो भूमिगत मेट्रो ट्रेन टकराईं, एक यात्री की मौत, 41 से ज्यादा घायल

यूपी: पोस्टर हटाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

एजेंसी| नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं के समानता, गरिमा के साथ जीने और किसी भी पेशे को अपनाने के उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए बुधवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें एक महिला बैंक कर्मचारी के स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया था। महिला ने अपने वरिष्ठ अधिकारी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (बचाव, रोकथाम एवं निवारण) अधिनियम, 2013 कार्यस्थल पर उनसे यौन उत्पीड़न से बचाव के अलावा ऐसी ही शिकायतों के निपटारे के लिए लागू किया गया था। पीठ ने कहा कि उसके सामने रखा गया मामला दिखाता है कि महिला अधिकारी ने बैंक की इंदौर शाखा में अपनी तैनाती के दौरान अफसरों को कई बार पत्र लिखकर शराब ठेकेदारों के खातों के प्रबंधन में गड़बड़ी की जानकारी दी थी और भ्रष्टाचार के खास आरोप लगाए थे। पीठ ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रतिवादी (महिला अधिकारी) को प्रताड़ित किया गया है। शाखा में अनियमितता की उनकी रिपोर्ट पर बदला लिया गया है। उनका स्थानांतरण कर दिया गया और ऐसी शाखा में भेजा गया जिसमें स्केल-1 के अफसर को जगह मिलनी चाहिए थी।’ दिसंबर 2017 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद इंदौर में पंजाब और सिंध बैंक की महिला कर्मचारी का जबलपुर जिले की सरसावा ब्रांच में ट्रांसफर किया गया था। इसी ट्रांसफर महिला कर्मचारी ने कोर्ट में चुनौती दी थी।

 विंडो**

वुहान के आखिरी अस्थायी अस्पताल बंद होने के बाद साइट पर ही कर्मचारियों का सम्मान किया गया।

अस्थायी हॉस्पिटल बंद होने के ऐलान के बाद मेडिकल स्टाफ ने डांस भी किया। सहयोग के लिए लोगों को शुक्रिया कहा।

{इटली: 631 मौतें। 10 हजार से ज्यादा चपेट में, पूरे देश में लॉकडाउन।

{ब्रिटेन: स्वास्थ्य मंत्री नाडिन डोरिस भी कोरोना की चपेट में आ गई हैं। {अमेरिका: न्यूयॉर्क में नेशनल गार्ड्स की तैनाती। एक हजार संक्रमित।

{दुनिया के 120 देश कोरोनावायरस की चपेट में, अब तक 4300 लोगों की मौत

वुहान| वुहान में हालात सुधरने के बाद रोगियों के उपचार के लिए बनाए गए 11 अस्थायी अस्पताल बंद कर दिए गए हैं। इसी का जश्न मनाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी और मरीज जमा हुए। चीन ने नए मामलों में कमी का दावा किया है। वुहान को छोड़ पिछले दो दिन में चीन में कोई नया मामला सामने नहीं आया। वुहान में कुछ महत्वपूर्ण उद्योगों को फिर शुरू करने की अनुमति दे दी गई है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने भी वुहान का दौरा किया और अधिकारियों, मेडिकल स्टाफ की तारीफ की। उधर दुनिया के 120 देश चपेट में हैं। 1 लाख 19 हजार से ज्यादा व्यक्ति संक्रमित हैं। जबकि 4360 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान में 24 लोगों की मौत हो गई। यहां अब तक 291 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 8,042 संक्रमित हुए हैं।

तीन मोड़, जो नए रास्ते पर सिंधिया को ले गए

{सीएम बनने की होड़: केंद्र में कांग्रेस कमजोर हुई तो 2018 में सिंधिया, कमलनाथ मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए। कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, सिंधिया चुनाव अभियान प्रमुख बनाए गए। कांग्रेस चुनाव जीती तो कमलनाथ सीएम बने। सिंधिया भी सीएम बनना चाहते थे।

{प्रदेशाध्यक्ष पद: लोकसभा चुनाव से पहले सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें पश्चिमी यूपी का प्रभारी बनाया गया। इधर वह गुना में हार गए।

{राज्यसभा सीट: सिंधिया राज्यसभा सीट चाहते थे। सूत्र कह रहे हैं कि कांग्रेस नेताओं ने इसमें बाधा डाली। जबकि भाजपा ने मंजूरी दे दी।

कांग्रेस नेता सिंधिया ने क्यों छोड़ी पार्टी

लंदन | यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के बाद ब्रिटेन में पहली बार बजट पेश किया गया। इस दौरान पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट चेंज को लेकर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। वे पर्यावरण की दिशा में बड़े कदम उठाने और बजट बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा।

मैक्सिको में जनवरी 2019 से सितंबर तक 2,833 महिलाओं की हत्या हुई थी। हिंसा के खिलाफ महिलाओं की हड़ताल का खामियाजा अर्थव्यवस्था को भी भुगतना पड़ा। बिजनेस ग्रुप कॉन्सानको सर्वितुर के मुताबिक हड़ताल से देश को महज एक दिन में करीब 9721 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। आप महिलाओं की अनदेखी कर ही नहीं सकते।

हड़ताल से एक दिन में 9,700 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान

 }महिलाओं ने एक दिन के लिए घर से लेकर बाहर तक के काम करने से इनकार किया

इस्लामाबाद | पाकिस्तान के गणतंत्र दिवस के लिए तैयारियों में जुटा पाकिस्तान एयर फोर्स का एफ-16 विमान प्रदर्शन के दौरान क्रेश हो गया। इसमें उसके पायलट विंग कमांडर नोमान अकरम की मौत हो गई। 23 मार्च को पाकिस्तान का गणतंत्र दिवस है। 1981 से अब तक पाकिस्तान में तकनीकी कारणों से क्रेश होने वाला यह 10वां एफ-16 विमान है।


मैक्सिको सिटी | मैक्सिको की राजधानी मैक्सिको सिटी में

बुधवार को दो मेट्रो ट्रेन आमने-सामने टकरा गईं। ये दोनों ही भूमिगत मेट्रो नेटवर्क से जुड़ी हैं। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई, जबकि 41 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसा राजधानी के तकुबया मेट्रो स्टेशन के पास हुआ। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से करीब 6 लोगों की हालत गंभीर है।

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नई दिल्ली, गुरुवार, 12 मार्च, 2020

नई दिल्ली | यूपी सरकार ने इलाहाबाद हाई काेर्ट के उस अादेश काे सुप्रीम काेर्ट में चुनाैती दी है, जिसमें सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लाेगाें के नाम-पते का पाेस्टर हटाने का अादेश दिया गया है। सुप्रीम काेर्ट के जस्टिस यूयू ललित और अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ गुरुवार को इस पर सुनवाई करेगी। राज्य सरकार ने सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हिंसा करने का आरोप लगाते हुए उनसे नुकसान का हर्जाना वसूलने के नाम पर ये पाेस्टर लगाए थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साेमवार काे फैसले में लखनऊ में लगाए गए 100 से ज्यादा एेसे पाेस्टराें काे हटाने का अादेश िदया था अाैर इस पर 16 मार्च तक हलफनामा देने काे कहा था। हाई कोर्ट ने कहा था कि नागरिकाें के साथ अन्याय न हाे, यह देखना न्यायपालिका का दायित्व है।
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