रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल गईं थी शबाना आजमी, जांच के दौरान पता चला हो गईं इस खतरनाक वायरस का शिकार, अभी हॉस्पिटल में ही एडमिट हैं, बोली-तेजी से ठीक हो रही हूं / रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल गईं थी शबाना आजमी, जांच के दौरान पता चला हो गईं इस खतरनाक वायरस का शिकार, अभी हॉस्पिटल में ही एडमिट हैं, बोली-तेजी से ठीक हो रही हूं

किसी को भी अपना शिकार बना सकता है ये वायरस, डॉ बोले ये 5 संकेत नजर आए तो तुरंत चेक करवाएं

dainikbhaskar.com

Feb 13, 2019, 01:47 PM IST
Shabana Azmi down with swine flu

हेल्थ डेस्क। नेशनल अवॉर्ड विनर शबाना आजमी को स्वाइन फ्लू हो गया है। वे सर्दी और कफ की शिकायत होने के बाद रूटीन चेकअप के लिए हॉस्पिटल गईं थीं। जांच में पता चला कि उन्हें स्वाइन फ्लू ने अपना शिकार बना लिया है। बीमारी का खुलासा होने के बाद शबाना ने कहा कि, मुझे आत्मविश्लेषण करने का मौका बमुश्किल ही मिलता है, इसलिए यह टाइम मेरे लिए ब्रेक की तरह है। मैं तेजी से ठीक हो रही हूं।

क्या है स्वाइन फ्लू,
आयुर्वेद प्रेक्टिशनर डॉ. अबरार मुल्तानी
के मुताबिक आयुर्वेद में स्वाइन फ्लू को वात कफज ज्वर के नाम से जाना जाता है जो कि वात (हवा) और कफज (पानी) के बिगड़ने से होता है। इसका वायरस सांस के जरिए बॉडी में प्रवेश करता है और कफ, सर्दी, जुकाम, बॉडी पेन, फीवर जैसे सिम्प्टम पैदा करता है। डॉक्टर मुल्तानी का कहना है कि बचाव ही सबसे बेहतर उपाय है। अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं और कुछ आयुर्वेदिक उपायों पर अमल किया जाए तो स्वाइन फ्लू के खतरे से बचा जा सकता है। डॉ. मुल्तानी बता रहे हैं कुछ ऐसे ही घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय।

क्या हैं स्वाइन फ्लू के सिम्पटम्स?
सांस लेने में तकलीफ होना, भूख न लगना, लगातार सर्दी-जुकाम बने रहना, गले में जलन और दर्द होना, वॉमिटिंग या डायरिया स्वाइन फ्लू की वजह से हो सकता है।

कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू :
स्वाइन फ्लू का वायसर एच -1 – एन -1 तेजी से फैलता है। जिस व्यक्ति को यह बीमारी हो, अगर उसके संपर्क में अन्य व्यक्ति आता है तो यह बीमारी उसे भी हो जाती है। इससे बचने के लिए अधिक भीड़ वाली जगह पर जानें से बचें।

क्या हैं इसके 5 संकेत
- तेज बुखार, सिर-दर्द, उल्टी का अहसास या डायरिया होना।
- इसमें तकलीफ बहुत जल्दी कुछ ही घंटों में बढ़ जाती है।
- स्वाइन फ्लू के 80% से ज्यादा मामलों में तेज सिर-दर्द भी होता है।
- स्वाइन फ्लू में आमतौर पर गले की खराश के बजाए चेस्ट प्रॉब्लम ज्यादा होती है।
- इनके सिम्प्टम्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कैसे बचें
- कपूर, पिपरमिंट और अजवाइन का सत रूमाल में रखकर सूंघें।
- पानी में अदरक, तुलसी और लौंग उबालकर शहद मिलाकर पीएं।
- गिलोय और तुलसी का काढ़ा बनाकर दिन में दो से तीन बार पीएं।
- गुनगुने पानी में चुटकी भर सेंधा नमक डालकर दिनभर पीते रहें।
- सप्ताह में एक बार चुटकी भर कपूर, गाय का शुद्ध घी और मिश्री मिलाकर लें।
- रात को सोने से पहले दूध में हल्दी, काली मिर्च और दालचीनी उबालकर पीएं।

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Shabana Azmi down with swine flu
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