जीरकपुर। शहीद भगत सिंह जागृति मंच पंचकूला का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को मीरपुर गांव स्थित उस पुलिस चौकी में गया जहां उन्हें एक रात के लिए हवालात में रखा गया था। प्रतिनिधिमंडल के साथ जीरकपुर के पीरमुच्छैला की बॉलीवुड हाइट्स में रहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर एम.एम जुनेजा भी थे। उन्होंने कहा कि इस हवालात में 14 जून 1929 को शहीद भगत सिंह एवं उनके साथियों को बंदी के रूप में रखा गया था।
लाहौर सेन्ट्रल जेल रेलगाड़ी से ले जाते समय कुछ घंटों के लिए 1881 में बने इस पुलिस चौकी में रखा गया था। यह पुलिस चौकी घग्गर रेलवे स्टेशन से 200 मीटर दूर है। जुनेजा ने कहा इस जगह पर समुचित परिचय-पट्टी लगाने की जरूरत है। इस प्रतिनिधिमंडल में इस मंच प्रधान जगदीश भगत सिंह, उपप्रधान विजय कुमार सिंह, समाजसेवी अनिल वर्मा एवं सरदार अवलिंदर संधू शामिल थे।
कार्ल मार्क्स के सिद्धांतों पर चलने वाले शहीद भगत सिंह और साथियों को असेंबली में बम फेंकने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उसी वक्त उन्हें लाहौर ले जाया जा रहा था, तब शहीद भगत सिंह और साथियों को इस पुलिस चौकी में रखा गया था। शहीद भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों नें 1928-31 के दौरान जो भी काम किए उसे हिन्दोस्तान सोशिलिस्ट प्रजातांत्रिक संगठन (हिसप्रस) आंदोलन का नाम दिया गया।
अागे की स्लाइड्स में देखें लाहौर ले जाते वक्त शहीद भगत सिंह को इसी पुलिस चौकी में रखा गया था...