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शनि जयंती पर करें शनिदेव की पूजा, दूर हो सकती है लाइफ की हर टेंशन

जिन पर इस समय शनि की साढ़ेसाती या ढय्या का प्रभाव है, वे यदि इस दिन शनिदेव की पूजा करें तो उन्हें थोड़ी राहत मिल सकती है

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 05:44 PM IST

रिलिजन डेस्क। इस बार 15 मई, मंगलवार को शनि जयंती है। ग्रंथों के अनुसार, इस दिन जो भी विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करता है, उसकी हर इच्छा पूरी हो सकती है और लाइफ की हर टेंशन दूर हो सकती है। जिन लोगों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती या ढय्या का प्रभाव है, उनके लिए इस दिन शनिदेव की पूजा करना विशेष फल देने वाला होता है। ऐसे करें शनिदेव की पूजा...

पूजन विधि
- शनि जयंती की सुबह स्नान आदि से निपटकर सबसे पहले अपने इष्टदेव, गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें। सूर्य आदि नवग्रहों को नमस्कार करते हुए श्रीगणेश भगवान की पूजा भी करें।

- इसके बाद लोहे का एक कलश लें और उसे सरसों या तिल के तेल से भरकर उसमें शनिदेव की लोहे की मूर्ति स्थापित करें और उस कलश को काले कंबल से ढंक दें। इस कलश को शनिदेव का रूप मानकर पूजा करें।

- पूजा में मुख्य रूप से काले या नीले फूल, खिचड़ी (चावल व मूंग की) अर्पित करें। इसके बाद ये मंत्र बोलें-

नमस्ते कोण संस्थाय पिंगलाय नमोस्तुते।
नमस्ते बभ्रुरूपाय कृष्णाय च नमोस्तुते।।
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चांतकाय च।
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो।।
नमस्ते मंदसंज्ञाय शनैश्चर नमोस्तुते।
प्रसादं कुरूमे देवेशं दीनस्य प्रणतस्य च।


- इसके बाद पूजा सामग्री सहित शनिदेव के प्रतीक कलश को (मूर्ति, तेल व कंबल सहित) किसी ब्राह्मण को दान कर दें।

- सूर्यास्त से कुछ समय पहले अपना व्रत खोलें। भोजन में तिल व तेल से बने भोज्य पदार्थों का होना आवश्यक है। इसके बाद यदि हनुमानजी के दर्शन करें तो और भी शुभ रहेगा।

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