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डाउनलोड करेंपोरबंदर. गुजरात की समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए पोरबंदर एक हाई सेंसिटिव बंदरगाह होने के कारण तटरक्षक को आधुनिक हथियारों और बोट से लैस किया जाता है। गुरुवार को पोरबंदर कोस्ट गार्ड को हेलीपैड और हाई पावर एक्स्टर्नल फायर फाइटिंग सिस्टम से लैस 105 मीटर लंबा और 2450 टन वजनी युद्धपोत सौंपा गया।‘शूर’ नामक इस जहाज में 18 ऑॅफिसर और 108 नाविक दिन रात तैनात होकर पोरबंदर और गुजरात की समुद्री सीमा की कड़ी नजर रखेंगे।
बुधवार को पोरबंदर कोस्ट गार्ड द्वारा चार्ली-142 इंटरसेप्टर नामक पेट्रोलिंग शिप की कार्यक्षमता पूरी होने पर उसे पूरे सम्मान के साथ विदा किया गया। चार्ली-142 के रिटायर होने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह सवाल उठने लगा था कि सरकार पोरबंदर कोस्ट गार्ड को पेट्रोलिंग शिप मुहैया कराएगी या नहीं?
‘चार्ली-142’ के विदा होते ही पोरबंदर कोस्ट गार्ड को ‘शूर’ नामक युद्धपोत मुहैया कराया गया। गुरुवार को दोपहर 12.30 बजे पोरबंदर कोस्ट गार्ड के जेटी से युद्धपोत को सुरक्षा में तैनात कर दिया गया है। इस दौरान तटरक्षक बल के इकबाल सिंह चौहान, एमए अग्रवाल और वी. अनबरन सहित उच्च अधिकारी मौजूद थे।
ऐसी है युद्धपोत की क्षमता
- 105 मीटर लंबाई
- 2450 टन वजन
- 43 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार
- 02 एमपीयू पावरफुल इंजन
- 12,200 एचपी इंजन की क्षमता
- 02 स्पीड बोट की सुविधा
- 20 दिन में रिकॉर्ड 11,000 किमी की मंजिल हासिल की
जहाज का मुख्य कामकाज
‘शूर’ जहाज के मुख्य कामकाज को देखें तो यह समुद्र में हेलीकॉप्टर ऑन बोर्ड वहन कर सकती है। समुद्र के बीच में स्पीड बोट की मदद से तेजी से रेस्क्यू करने में सक्षम है। समुद्र में आयल स्पिल का सामना कर सके इसलिए इसे आयल स्पिल से लैस किया गया है। समुद्र में खोज और बचाव इसकी मुख्य विशेषता है।
कोस्ट गार्ड ने जहाज का स्वागत किया
‘शूर’ जहाज गुरुवार को पोरबंदर कोस्ट गार्ड के जेटी पर आ पहुंचा। इस दौरान तटरक्षक बल के उच्च अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। जेटी पर युद्धपोत का सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया।
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