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डाउनलोड करेंसुशांत एस मोहन
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
अभिनेत्री श्वेता बसु प्रसाद बीते दिनों एक सेक्स रैकेट में अपना नाम आने के कारण चर्चा में रहीं. उन्होंने मीडिया को लिखे एक ख़ुले ख़त में बताया है कि कैसे इस प्रकरण ने इतना बड़ा रूप लिया और कैसे उन्हें मिली क्लीनचिट के बारे में किसी को नहीं मालूम चला.
बीबीसी के मुंबई स्टूडियो में हुई एक ख़ास बातचीत के दौरान श्वेता ने अपने दिल की कई बाते बीबीसी से साझा कीं. पेश हैं उसी बातचीत के मुख्य अंश.
सेक्स शब्द से उत्तेजितश्वेता बासु प्रसाद को हैदराबाद के एक होटल से सेक्स रैकेट के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
किसी ने इसे बॉलीवुड की सच्चाई करार दिया और एक मीडिया संस्थान ने तो श्वेता का कूबूलनामा भी छाप दिया कि पैसों की तंगी चलते वो ऐसा कर रही हैं.
लेकिन श्वेता ने इसका खंडन किया और बताया, “मुझे नहीं मालूम कि कब उन्होनें मुझे ये कहते सुना. मैं भी एक मीडिया स्टूडेंट हूं और ये कॉमन सेंस है कि जब किसी व्यकित को हिरासत में ले लिया जाता है तो उसे किसी से बात करने की इजाज़त नहीं होती. मेरे नाम से छापी गई ये ख़बर सरासर झूठ थी.”
श्वेता ने मीडिया से नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा, “जहां किसी ख़बर में ‘सेक्स’ शब्द का प्रयोग हो जाता है हम लोग उत्तेजित हो जाते हैं और फिर ये सोचे बिना की ख़बर में कितनी सच्चाई है हम बस ख़बर को चला देते हैं.”
श्वेता ने बताया कि जिस होटल में पुलिस ने छापा मारा था वो उस होटल में किसी आयोजन के लिए आई थी और झूठी ख़बर पर उन्हें हिरासत में लिया गया, बाद में वो कोर्ट से बाइज्ज़त बरी भी हुई.
कितना कुछ बीता मां बाप परदरअसल जब श्वेता की गिरफ़्तारी हुई तो उनके मां बाप भी अवाक रह गए लेकिन उन्होनें उनका साथ दिया.
श्वेता ने कहा, “मेरी मां ने मुझसे कहा था कि ग़लती है तो माफ़ी मांगो वर्ना आखिर तक लड़ो, हम लड़े और केस जीते लेकिन वो मीडिया ने नहीं दिखाया. मीडिया ने दिखाए मेरे पकड़े जाने की ख़बर ये सोचे बिना कि मेरे परिवार पर इसका क्या असर होगा.”
साल 2005 में फ़िल्म इक़बाल करने के बाद श्वेता सिने स्क्रीन से गायब हो गई थी. वो कहां रही इस बीच ये पूछे जाने पर वो कहती है “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए ब्रेक लिया था. मेरे मां बाप चाहते थे कि मैं पढ़ाई को नज़रअंदाज़ न करूं. हां, मैंने कुछ तेलगु और तमिल फ़िल्मों में काम किया लेकिन फिर पढ़ाई ही कर रही थी.”
आजकल श्वेता शास्त्रीय संगीत के उपर एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का निर्माण कर रही हैं जिसका नाम है ‘रूट्स’.
इसके अलावा वो अनुराग कश्यप के साथ उनके बैनर ‘फ़ैंटम’ के लिए स्क्रिप्ट राईटर के तौर पर जुड़ी हैं.
विवाद और कामश्वेता प्रसाद को जिस एक चीज़ से जूझना पड़ा वो था इस विवाद से निकलने के बाद का समय.
श्वेता के मुताबिक लोग उनका समर्थन तो कर रहे थे लेकिन साथ ही इसे पब्लिसिटी स्टंट भी मान रहे थे, “ये बात सच है कि विवाद के बाद आपके पास काम आता है. लेकिन मुझे ये तरीका सरासर ग़लत लगता है. मुझे आजतक काम मेरी एक्टिंग के लिए मिला है और मैं कभी भी काम को कंटोवर्सी से नहीं पाना चाहती.”
बिग बॉस में बुलावे को लेकर वो कहती है, “ये तरीका ग़लत है कि किसी कंट्रोवर्सी में आने से आपको किसी शो में जाने का मौका मिल जाता है. मैं वैसे भी बिग बॉस के घर में नहीं जा सकती क्योंकि मैं बेहद शांत रहने वाली इंसान हूं और लोग शायद मुझे वहां पसंद न करें.”
श्वेता ने अब अतीत को पीछे छोड़ आगे करियर बनाने का मन बना लिया है. वो जानती हैं इस कंट्रोवर्सी का दाग उनके साथ रहेगा लेकिन चांद भी तो बेदाग़ नहीं.
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