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कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीत लौटे प्रदीप ने कहा, पंजाब सरकार से कोई उम्मीद नहीं

3 वर्ष पहले
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जालंधर.   कॉमनवेल्थ गेम्स में 105 किलो प्लस वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर लौटे प्रदीप सिंह खिलाड़ियों के प्रति पंजाब सरकार के रवैये से बेहद निराश हैं। जंडियाला मंजकी में शुक्रवार दोपहर सम्मान समारोह में प्रदीप ने कहा, उन्हें पंजाब सरकार से कोई उम्मीद नहीं। 


सरकार ने न पहले कुछ किया है और न आगे कुछ करने वाली है। विधायक परगट सिंह द्वारा सरकार की तरफ से 11 लाख रुपए देने का ऐलान करने पर प्रदीप बोले, “इनाम का पैसा कब मिलेगा, देखना होगा।’ प्रदीप शुक्रवार तड़के 3 बजे जंडियाला मंजकी पहुंचे प्रदीप का स्वागत करने पूरा गांव ढोल लेकर उमड़ा। लोक भलाई मंच ने 1 लाख 51 हजार रुपए देकर प्रदीप को सम्मानित किया।

वजन उठाने के बावजूद सिल्वर से करना पड़ा संतोष
प्रदीप को इस बात का मलाल है कि गोल्ड मेडलिस्ट से ज्यादा वजन उठाने के बावजूद उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा। प्रदीप ने कहा कि गोल्ड मेडलिस्ट प्लेयर ने 360 किलो वेट उठाया था और उन्होंने 361 किलो। वहां कुछ  जजों ने टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण उनकी अटेंप्ट को अमान्य करार दिया। 352 किलो वजन उठाने पर प्रदीप को सिल्वर मेडल मिला। इस कैटेगरी में कुल 17 खिलाड़ी थे। प्रदीप रेलवे में टीटी पद पर कार्यरत हैं।

 

एशियन गेम्स व वर्ल्ड चैंपियनशिप अगला लक्ष्य
प्रदीप ने गांव जंडियाला मंजकी में स्कूली पढ़ाई के दौरान कोच हरमेश लाल से वेट लिफ्टिंग सीखनी शुरू की थी। कॉलेज में जसप्रीत सिंह कोच रहे। 4 साल से पटियाला के एनआईएस में ट्रेनिंग ले रहे हैं। प्रदीप के दादा हरबंस सिंह जौहल भी पहलवान रहे हैं। इसी साल होने वाली एशियन गेम्स व वर्ल्ड चैंपियनशिप प्रदीप का अगला लक्ष्य है। रेलवे बोर्ड 23 अप्रैल को प्रदीप को दिल्ली में सम्मानित करेगा।

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