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डाउनलोड करेंइंदौर. हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण और दिलचस्प फैसला दिया है। अनुकंपा नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि सिंगल पेरेंट (कुंवारा) बनकर भी कोई व्यक्ति बच्चा गोद लेता है तो उस संतान को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार है। जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला दिया है। नगर निगम में कर्मचारी रहे व्यक्ति का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। उसकी गोद ली हुई संतान ने अनुकंपा नियुक्ति मांगी तो सरकारी नियम आड़े आ गया।
बगैर शादी के लिया था बच्चे को गोद
उज्जैन नगर निगम में काम करने वाले किशोर श्रीवास्तव ने विधिवत तरीके से एक बच्चा गोद लिया था। श्रीवास्तव ने बगैर शादी किए यह काम किया था। बच्चे का नाम अशोक रखा था। पिछले साल किशोर की मृत्यु हो गई थी। मृत्यु के बाद अशोक ने निगम में अनुकंपा नियुक्ति के दावा किया था।
किस आधार पर खारिज हुई थी अपील?
गोद लेने के प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किए थे, लेकिन निगम ने उनका आवेदन इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उन्हें दंपती ने नहीं, बल्कि एक व्यक्ति (सिंगल पेरेंट) ने गोद लिया है। अशोक ने इस फैसले को अधिवक्ता आनंद अग्रवाल के जरिए हाई कोर्ट में चुनौती दी।
क्या है नियम?
नियम में यह लिखा है दंपती द्वारा बच्चा गोद लिए जाने पर उसे अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार होगा।
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