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\'कैब नहीं, बस नहीं, औरतें सुरक्षित कहाँ\'

7 वर्ष पहले
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दिल्ली में उबर कैब में चालक द्वारा एक महिला यात्री के कथित बलात्कार के आरोप का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

ट्विटर पर #DelhiShamedAgain हैंडल भारत के ट्रेंड में टॉप पर पिछले कई घंटों से बना हुआ है. इसके अलावा कई घंटों तक #Uber हैंडल सबसे ज़्यादा ट्रेंड करने वालों में पहले छह हैशटैग में शामिल रहा.

कैब के चालक को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं दिल्ली और एनसीआर में उबर कैब की सेवा पर पाबंदी लगा दी गई है.

सोशल मीडिया पर लोग अपनी अपनी अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

निकिता वर्मा @nikitaverma ने ट्वीटकिया है, \"अकेले गाड़ी चलाना सुरक्षित नहीं है. कैब लेना भी असुरक्षित है. बस से यात्रा करना असुरक्षित है. महिलाओं के लिए सुरक्षित क्या है?\"

\'सुरक्षा चाहिए, विकास नहीं\'

सुब्रत पांडा @subrat_panda ने ट्वीट किया है, \"दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के अभियुक्त चालक को चरित्र प्रमाणपत्र जारी किया था. तो क्या दिल्ली पुलिस पर पाबंदी नहीं लगा देनी चाहिए?\"

अभिनव त्यागी @abhinavtyagii ने ट्विटर पर लिखा है, \"आम लोगों को सुरक्षा चाहिए, विकास नहीं.\"

वहीं पीयूष पराशर @piyushparashar ने ट्वीट किया, \"तकनीक, पाबंदी, कानून, नियम ये सब मिलकर बलात्कार को तब तक नहीं रोक सकते, जब तक हम अपनी मानसिकता नहीं बदलते.\"

वहीं महिला अधिकारों से जुड़ी वामपंथी कार्यकर्ता कविता कृष्णन ने फेसबुक पर लिखा है, \"16 दिसंबर, 2012 के दो साल बीतने के बाद दिन और रात में दिल्ली और एनसीआर में सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था क्यों नहीं उपलब्ध हो सकी है.\"

अनिल आचार्य @aa3132 ने ट्विटर पर लिखा है, \"पुलिस में सुधार पर काफी बात होती है. लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति के बिना ये सुधार संभव नहीं है.\"

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