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डाउनलोड करेंजोधपुर. यह कहानी पतासी देवी की है, जिसमें गुस्से, दर्द, ममता और शर्म के सारे रंग हैं। तीन साल में दो बेटों की मौत देख चुकी पतासी देवी मानसिक रूप से बीमार हैं। सोमवार को वे गली में सड़क पर लेट गईं। ग्रामीणों ने पहले तो उन्हें उठाने की कोशिश की। नहीं मानीं तो उनके मंझले बेटे धनाराम को इसकी जानकारी दी गई। वह आया और मां से घर चलने को कहा। मां नहीं मानी तो हाथ पकड़ा और घसीटते हुए ले गया।
मां चिल्लाती रही, लेकिन गांव वाले बीच में नहीं आए। हां, वीडियो जरूर बना लिया। वीडियो सामने आया तो पुलिस भी सक्रिय हुई। मां-बेटे को थाने बुलाया लेकिन मां तो मां ही होती है। यहां मां ने पुलिस के सामने ऐसी कोई भी घटना होने से ही इनकार कर दिया। ऊपर से यह भी कहा कि बेटा शराब नहीं पीता है। उसकी ही मानसिक स्थिति खराब है इसलिए वह सड़क पर लेट गई थी।
तीन साल में दो बेटों की मौत, तीसरे की पत्नी की मानसिक स्थिति बिगड़ी तो वह भी शराब पीने लगा
- सोनी परिवार की कहानी बेहद दर्दभरी है। पतासी देवी के तीन बेटे थे। बड़े की तीन साल पहले और छोटे की एक साल पहले मौत हो गई। इन हालात में पतासी की मानसिक स्थिति खराब हो गई। आए दिन घर में झगड़ा होने लगा। एकमात्र बचे बेटे धनाराम की पत्नी की भी यह देखकर मानसिक स्थिति बिगड़ गई।
- इस बीच धनाराम ने भी शराब पीना शुरू कर दिया। सोमवार की इस घटना का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर आया तो जोधपुर के खेड़ापा थानाधिकारी सुरेंद्र गांव गए। फिर मां-बेटे को थाने बुलाकर पूछताछ की। पतासीदेवी ने वीडियो में दिख रही घटना होने से साफ इनकार कर दिया। परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ की कहानी बताई और बेटे का जमकर बचाव किया। कहा- बेटे ने किसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया ही नहीं तो मैं किस बात की शिकायत करूं।
दो बेटों की मौत के बाद मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है
मेरे दो बेटों के देहांत के बाद मानसिक स्थिति खराब हो गई। सोमवार को सड़क के बीच सोने के कारण मेरे बेटे ने मुझे घर ले जाने का प्रयास किया था। जैसा आप बता रहे हैं वैसा कुछ नहीं हुआ। मेरा बेटा पहले मारपीट करता था, लेकिन पिछले कई दिनों से उसने शराब पीना बंद कर दिया है। अब वह मुझे कुछ नहीं कहता है।
-पतासी देवी
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