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केंद्र ने डीवीसी में फर्जी विस्थापितों को नौकरी की सीबीआई जांच के लिए लिखा पत्र, राज्य गृह विभाग ने गुम कर दिया

3 वर्ष पहले
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रांची/धनबाद. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 5 मई, 2014 को राज्य के गृह सचिव को एक पत्र भेजा। इस पत्र में कहा गया था कि 80 से 90 के दशक के बीच भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में कोयला शॉर्टेज के नाम पर हुए घोटाले और डीवीसी में फर्जी विस्थापितों को नौकरी देने की गड़बड़ी की लगातार आ रही शिकायतें गंभीर हैं और दोनों की सीबीआई जांच के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। चिट्‌ठी का मजमून महत्वपूर्ण था, मगर चौंकाने वाली बात ये है कि ये पत्र और संलग्न शिकायत और कागजात गृह विभाग से गायब हो गए। खुलासा भी तब हुआ जब शिकायतकर्ता घटवार आदिवासी महासभा के सलाहकार रामाश्रय सिंह ने विभाग से जानना चाहा कि केंद्र के पत्र पर आगे क्या कार्रवाई हुई। विभाग ने अपने जवाब में लिखा कि पत्र मिला ही नहीं। अब रामाश्रय सिंह ने मुख्य सचिव को पत्र लिख गृह विभाग से कागजात गायब होने की जांच की मांग की है। 

जब दैनिक भास्कर ने इस पत्र के विषय में पड़ताल की तो सामने आया कि मुख्य सचिव कार्यालय ने यह पत्र भू-राजस्व सचिव को भेज दिया। हालांकि भू-राजस्व सचिव का कहना है कि उन्होंने उचित कार्रवाई के लिए ये पत्र संबंधित जिले यानी धनबाद के डीसी को भेज दिया है।


पत्र धनबाद डीसी को भेजा: आरटीआई में भले ही गृह विभाग ने इस पत्र की जानकारी होने से इनकार किया हो, मगर सच्चाई ये है कि ये पत्र भू-राजस्व विभाग को भेज दिया गया। अब ये पत्र धनबाद डीसी को भेजा गया है।

 

 

गड़बड़ी की लगातार शिकायतों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिखा था यह पत्र: गृह मंत्रालय ने 5 मई, 2014 के अपने पत्र में रामाश्रय सिंह द्वारा की गई शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा था कि लगातार आ रहीं शिकायतों को देखते हुए मामला राज्य सरकार को उचित कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया जा रहा है। सरकार उचित समझे तो सीबीआई जांच की अनुशंसा पर विचार कर सकती है। ऐसे में उसे केंद्रीय कार्मिक विभाग से संपर्क करना होगा।

 

रिसीविंग रजिस्टर में दर्ज नहीं ये पत्र क्रमांक: घटवार आदिवासी महासभा के सलाहकार रामाश्रय सिंह का कहना है कि उन्होंने जब गृह विभाग से सूचना के अधिकार के तहत जानना चाहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र पर आगे क्या कार्रवाई हुई है तो विभाग ने कहा कि जिस पत्र क्रमांक का वो जिक्र कर रहे हैं वह उनके रिसीविंग रजिस्टर में दर्ज ही नहीं है।

 

बीसीसीएल का कोयला घोटाला : रामाश्रय सिंह ने बीसीसीएल के विजिलेंस डिपार्टमेंट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कोल शॉर्टेज दिखाकर बीसीसीएल ने घोटाला किया। 1993 की रिपोर्ट के मुताबिक 8 साल में 75 लाख टन कोयले की शॉर्टेज दिखाई गई। कीमत 100 करोड़ थी।  

 

डीवीसी में फर्जी विस्थापन : 41 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहित हुई, इससे 70 हजार प्रभावित हुए थे। विस्थापन के नाम पर 90000 फर्जी लोगों को नौकरी दी गई। डीवीसी नियोजित विस्थापितों की सूची जारी कर दे।

 

अधाकारी ने कार्रवाई के लिए कहा: भू-राजस्व सचिव केके सोनू ने कहा हाल ही में यह पत्र आया है। हमने कार्रवाई के लिए संबंधित जिले (धनबाद) के डीसी को भेजा है। वहीं, धनबाद डीसी ए दोड्‌डे ने कहा कि भू-राजस्व सचिव का पत्र मिला है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 

 

मामले की होगी जांच: गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। चार साल पुराना है। इसकी तहकीकात कराऊंगा। 

 

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