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डाउनलोड करेंमुंबई. 2 चरणों में विभिन्न विभागों के 72 हजार रिक्त पद भरने के प्रदेश सरकार के फैसले के बाद सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले नौजवानों को तगड़ा झटका लग सकता है। क्योंकि सरकार ने जिलास्तर पर रिक्त पदों को वेतन के बजाय मानधन के आधार पर भरने का फैसला किया है। जिसके बाद पद भर्ती के जरिये रोजगार पाने वाले युवाओं को सरकार के ग्रेड के अनुसार वेतन नहीं, बल्कि मानधन पर पांच साल तक काम करना पड़ेगा।
5 साल बाद मिलेगा नियमित वेतन
- पांच साल के बाद सरकार कर्मचारियों की पात्रता और काम के आधार पर नियमित वेतन श्रेणी लागू करेगी। सरकार ने जिलास्तर के पदों को शिक्षक सेवक, कृषि सेवक, ग्राम सेवक की तर्ज पर पांच साल तक मानधन के रूप में भरने को कहा है।
11 विभागों में होगी नियुक्ति
- सरकार के विभिन्न 11 विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए वित्त विभाग ने शासनादेश जारी किया है।
- वित्त विभाग का कहना है कि प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी करने की दृष्टि से आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है।
- इस शासनादेश को लेकर सरकार की पद भर्ती की नीति पर सवाल उठने लगे हैं। शायद इसीलिए सरकार ने विवादों से बचने के लिए वित्त विभाग के पद भर्ती के संबंधित शासनादेश को सरकारी वेबसाइट से हटा दिया है।
रिक्त पदों पर अस्थायी भर्ती का फैसला गलत: कुलथे
- राज्य राजपत्रित अधिकारी महासंघ के संस्थापक व मुख्य सलाहकार जी डी कुलथे ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि सरकार का रिक्त पदों पर अस्थायी भर्ती का फैसला बहुत ही गलत है। विभिन्न पद जब रिक्त हुए थे, उसी समय यह पद भर लिए गए होते तो सरकार के सामने यह नौबत नहीं आती।
- कुलथे ने बताया कि महासंघ की तरफ से राज्य सरकार के मुख्य सचिव डी के जैन के साथ 30 मई को होने वाली बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा। इस बीच सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि राज्य में पहले चरण में की जाने वाली 36 हजार भर्ती स्थायी होगी। शासनादेश के मुताबिक, वित्त विभाग ने कहा है कि रिक्त पदों को भरते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि दीर्घकाल तक वित्तीय स्थिरता के लिए सरकारी वेतन पर खर्च राजस्व वृद्धि के दर से अधिक न हो।
पद भर्ती पर वित्त विभाग ने दी सफाई
- सरकार की तरफ से रिक्त पदों को भर्ती के लिए जारी शासनादेश पर सवाल उठने के बाद वित्त विभाग ने स्प्ष्टीकरण दिया है कि सरकार के कई विभागों में अभी भी पदोन्नति श्रेणी के सबसे अंतिम वर्ग वाले पदों और जिला स्तर पर पद भरते समय मानधन पर भर्ती की जाती है।
- बाद में उन पदों के लिए नियमित वेतनश्रेणी लागू की जाती है। इसी नियम के आधार पर शासनादेश जारी किया गया है। वित्त विभाग का दावा है कि कृषि विकास से संबंधित विभागों में सरकार ने 100 प्रतिशत रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। सभी पदों पर भर्ती स्थायी होगी।
शिक्षकों को तीन महीने ऑफलाइन मिलेगा वेतन
- राज्य सरकार ने शालार्थ प्रणाली शुरू न होने के कारण शिक्षकों का मई से जुलाई 2018 तक का वेतन ऑफलाइन पद्धति से अदा करने का फैसला किया है। शुक्रवार को सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके अनुसार राज्य के आंशिक व पूर्णतः अनुदानित, स्थानीय स्वराज्य संस्था, अध्यापक विद्यालय के शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का मई से जुलाई तक का वेतन ऑफलाइन पद्धति से दिया जाएगा।
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