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पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटने में राज्य सक्षम: नीति आयोग; फडणवीस बोले- जीएसटी के दायरे में लाने से दाम घटेंगे

तेल कंपनियों ने 11वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए। गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल 77.47 और डीजल 68.53 रु. लीटर बिका।

Dainik Bhaskar

May 24, 2018, 06:20 PM IST
12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले 19 दिन तक तेल की कीमतें स्थिर थीं। -फाइल 12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले 19 दिन तक तेल की कीमतें स्थिर थीं। -फाइल

- नीति आयोग, पेट्रोलियम मंत्री और महाराष्ट्र के सीएम ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में लाने की बात कही है

- नीति आयोग के वाइस चेयरमैन ने कहा कि केंद्र को बिना टैक्स लगाए रेवेन्यू जुटाने का दायरा बढ़ाना चाहिए

नई दिल्ली. देश में तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर नीति आयोग ने गुरुवार को कहा कि राज्यों के पास पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटने की क्षमता है। वहीं, दाम कम करने के लिए केंद्र भी कोशिश करे। आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने न सिर्फ पेट्रोल-डीजल बल्कि बिजली को भी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे में लाने की पैरवी की। वहीं, केंद्र की इस पहल को लेकर अब तक सिर्फ एक भाजपा शासित राज्य (महाराष्ट्र) ने सहमति जताई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जीएसटी में आने से तेल कीमतें घट सकती हैं। हम तैयार हैं, पर कोई दूसरा राज्य आगे नहीं आया।

टैक्स में 15% तक कटौती करें राज्य: आयोग

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाना केंद्र और राज्यों की प्रथामिकता में है। ड्यूटी में राज्यों का हिस्सा ज्यादा है, इसलिए वे तेल की कीमतें कम करने के लिए ज्यादा बेहतर प्रयास कर सकते हैं।
- उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए यह अहम होगा कि वे टैक्स में 10 से 15% तक की कटौती करें। अभी कई राज्य 27% तक ड्यूटी लगा रहे हैं।

जीएसटी के दायरे में आने से कम हो सकती हैं कीमतें

- राजीव कुमार ने कहा कि केंद्र को बिना टैक्स लगाए रेवेन्यू जुटाने का दायरा बढ़ाना चाहिए। पिछले साल हमने अच्छा किया। इसके लिए बजट के लक्ष्य में भी बढ़ोत्तरी की गई। इस साल भी अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। न सिर्फ पेट्रोल-डीजल बल्कि बिजली को भी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के दायरे में लाना चाहिए।
- उधर, गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने से कीमतें घट सकती हैं। हमने पिछले साल जुलाई में ही इसके लिए हामी भर दी थी, पर दूसरा कोई राज्य इसके लिए आगे नहीं आया।

तेल कीमतें कम करने के लिए सरकार कोशिश कर रही

- पेट्रोलियम मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ''पिछले दिनों डॉलर के मुकाबले रुपए के घटने से तेल की कीमतों में उछाल आया है। भारत सरकार इसे ध्यान में रखते हुए संवेदनशील तरीके से फौरी और स्थाई तौर पर हल निकालने की कोशिश कर रही है ताकि आम नागरिकों के परेशानी न हो। इसके लिए कई तरह के रास्तों पर विचार किया जा रहा है। इनमें से जीएसटी भी एक है, कीमतें स्थिर करने के लिए इसे भी अपनाया जा सकता है।''

लगातार 11वें दिन भी पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ

- बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें बढ़ने से भारतीय तेल कंपनियों ने लगातार 11वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए। गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल 77.47 और डीजल 68.53 रुपए प्रति लीटर बिका।
- 12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले 19 दिन तक तेल की कीमतें स्थिर थीं। इसके बाद तेल कंपनियों ने हर दिन पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए।

2014 के बाद 9 बार ड्यूटी बढ़ी, सिर्फ 2 रुपए घटाई

- बता दें कि केंद्र सरकार नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच ईंधन पर 9 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ा चुकी है। जबकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड के दाम कम हुए थे। इसके बाद सिर्फ एक बार अक्टूबर, 2017 में ड्यूटी 2 रुपए प्रति लीटर कम की गई थी। केंद्र पेट्रोल पर प्रति लीटर 19 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगा रहा है।

नीति आयोग ने कहा है कि तेल राज्यों को पेट्रोल-डीजल पर 10 से 15% एक्साइज ड्यूटी घटना चाहिए। -फाइल नीति आयोग ने कहा है कि तेल राज्यों को पेट्रोल-डीजल पर 10 से 15% एक्साइज ड्यूटी घटना चाहिए। -फाइल
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12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले 19 दिन तक तेल की कीमतें स्थिर थीं। -फाइल12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले 19 दिन तक तेल की कीमतें स्थिर थीं। -फाइल
नीति आयोग ने कहा है कि तेल राज्यों को पेट्रोल-डीजल पर 10 से 15% एक्साइज ड्यूटी घटना चाहिए। -फाइलनीति आयोग ने कहा है कि तेल राज्यों को पेट्रोल-डीजल पर 10 से 15% एक्साइज ड्यूटी घटना चाहिए। -फाइल
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