स्टाइपेंड 6000 रु. प्रति खिलाड़ी मिलता है **
खेल विभाग की ओर से संचालित डे बोर्डिंग सेंटर में 30 खिलाड़ियों को ही प्रशिक्षण देना है। इन खिलाड़ियों को साल का 6 हजार रुपए स्टाइपेंड के रूप में मिलता है। ये पैसा सीधे बच्चों के अकाउंट में जाता है। इसके अलावा जर्सी, किट आैर हर बच्चों को 1-1 बास्केटबॉल का गेंद भी प्रैक्टिस के लिए दिया जाता है।