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डाउनलोड करेंवॉशिंगटन. वेस्टर्न कंट्रीज में अफ्रीका जैसे गरीब मुल्कों से बच्चों को गोद लेना आम बात हो गई है। खासकर हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जॉली और सिंगर मैडोना के अफ्रीकी बच्चों को गोद लेने के बाद तो ये फैशन सा बन गया है। लेकिन अफ्रीकी देशों से बच्चों को गोद लेने की आड़ में एक बड़ा स्कैम चल रहा है। 2015 में अमेरिका की डेविड फैमिली ने युगांडा से एक बच्ची गोद ली थी, लेकिन कुछ ही महीनों में एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। क्या था पूरा मामला...
- अमेरिका के ओहायो की डेविड फैमिली एक अफ्रीकी बच्ची को गोद लेना चाहती थी। इसके लिए उन्होंने युगांडा का रुख किया।
- एक अडॉप्शन एजेंसी ने अमेरिकी फैमिली को छह साल की बच्ची नमाता से मिलवाया। एजेंसी ने फैमिली को बताया कि इस बच्ची के पिता की मौत हो चुकी है और मां उसे बहुत मारती है। वह उसे स्कूल भी नहीं भेजती।
- साल 2015 में फैमिली को युगांडा के एक अनाथालय में ले जाया जाता है। एक बच्ची पिंजरेनुमा कमरे में दिखाई जाती है। वहां उसके पास खेलने के लिए कोई खिलौने भी नहीं था।
- ये सब देखने के बाद डेविड फैमिली छह साल की नमाता को गोद लेने के लिए फौरन राजी हो जाती है।
छह महीने बाद सामने आई दूसरी कहानी
- नमाता के अमेरिका आने के करीब छह महीने बाद पूरी कहानी बदल जाती है। दरअसल, लड़की ने डेविड फैमिली को बताया कि वह अपनी असली मां को काफी याद कर रही है।
- ये बात फैमिली के लिए एकदम अजीब थी। क्योंकि अडॉप्शन एजेंसी ने उन्हें बताया था कि बच्ची की मां उसके साथ दुर्व्यवहार करती थी।
- धीरे-धीरे नमाता ने अपने गोद लिए जाने की पूरी कहानी बताई, जिसके बाद अमेरिकन फैमिली ने यूएस स्टेट डिपार्टमेंट को कॉल कर लिया। फिर नमाता की फैमिली का पता चला।
- डेविड फैमिली ने नमाता की असली मां से संपर्क किया। उसने बताया कि कैसे उसने थोड़े से पैसे और बच्ची के अच्छे भविष्य के लिए अपनी बेटी को खुद से दूर किया था।
- नमाता को खुद से दूर करने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं था। वह ये भी जानती थी कि अडॉप्शन पेपर पर साइन करने के बाद वह अपनी बेटी से कभी नहीं मिल पाएगी। तो असली कहानी ये थी कि नमाता को अडॉप्शन एजेंसी ने अपनाया नहीं, खरीदा था और फिर उसे अमेरिकी फैमिली के हवाले कर दिया था।
- अमेरिकन फैमिली ने जब ये दर्दभरी कहानी सुनी तो उन्हें नमाता की मां के पछतावे का अहसास हुआ। उन्हें समझ आ गया कि अडॉप्शन एजेंसी ने झूठ बोलकर और बिना बच्ची की मां से मिलवाए उन्हें अडॉप्टशन दे दिया था। उन्हें ये भी समझ आ गया कि खराब हालात की वजह से नमाता की मां उसे खुद से अलग करने पर मजबूर हुई। उन्होंने बिना देर किए नमाता को उसकी मां के पास युगांडा भेज दिया।
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