महामारी में भूखे मरने को विवश हैं जिले के हड़ताली शिक्षक

Nawada News - सार्वजनिक शिक्षा के केंद्र विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बहाल करने एवं वहां कार्यरत नियोजित शिक्षकों के...

Mar 27, 2020, 07:50 AM IST

सार्वजनिक शिक्षा के केंद्र विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बहाल करने एवं वहां कार्यरत नियोजित शिक्षकों के सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु सहायक शिक्षक राज्यकर्मी का दर्जा एवं पूर्ण वेतनमान व सेवा-शर्त की मांग पर चार लाख से भी अधिक शिक्षक विगत 17 फरवरी से ही हड़ताल पर हैं। शिक्षक संगठन बार बार राज्य सरकार से हड़ताली शिक्षकों से बात करके हड़ताल को खत्म करवाने की अपील भी कर रहे हैं लेकिन बिहार सरकार आपदा की इस घड़ी में शिक्षकों की अनदेखी कर कोरोना के खिलाफ मुकम्मल तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह ही खड़े कर रही हैं। राज्य सरकार शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आन्दोलन कर रहे शिक्षकों पर बर्खास्तगी, निलंबन, प्राथमिकी की कार्रवाई कर रही है। तथा शिक्षकों के लंबित वेतन तक पर रोक लगा दिया गया है।

टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि एक तरफ कोरोना आपदा दूसरी तरफ सरकार की अनदेखी से शिक्षक व शिक्षक परिवारों के समक्ष जीवन-मरण का संकट पैदा हो गया है। इस परिस्थिति में भी शिक्षक कोरोना महामारी के खिलाफ वालिंटियरी को तैयार हैं। लंबित वेतन का भुगतान रोककर सरकार ने हड़ताली शिक्षकों को भूखों मरने छोड़ दिया है। हड़ताली शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान रोकना अमानवीय है। कहा कि कोई भी संवेदनशील सरकार अपने कर्मियों से इस तरह से पेश नही आती है। राज्य सरकार को अविलंब शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान करनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा हड़ताल की अनदेखी पर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री , महामहिम राष्ट्रपति, और राज्यपाल से गुहार लगाई है।

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हड़ताली शिक्षकों ने राष्ट्रपति कार्यालय,प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल कार्यालय को ईमेल भेजकर अपनी व्यथा व्यक्त की है। जिलाध्यक्ष ने कहा जब तक सरकार शिक्षकों के मसले पर अपील जारी नही करती शिक्षक हड़ताल पर बने रहने को बाध्य हैं। संगठन के जिला महासचिव नीरज कुमार, सचिव शशि कुमार, लालू कुमार, राजीव रंजन, बारीक खान , कोषाध्यक्ष अशोक पासवान, गोपाल कुमार ,रामानंद कुमार और मीडिया प्रभारी सुनील कुमार साहु, राजीव कुमार ने शिक्षक संगठनों से अपील करके उन्हें सुरक्षित मानकों के साथ आपदा-कार्य में लगाने के बजाय बिहार सरकार देश के प्रधानमंत्री के कर्मचारियों कर्मियों के वेतन जारी करने सम्बन्धी अपील को भी खारिज कर रही है.। शिक्षकों से अपील करके सघन आपदा टीम बनाने के बदले राज्य सरकार द्वारा लगातार शिक्षकों को दण्डित करने सम्बन्धी आदेश जारी किये जा रहे हैं। मीडियाकर्मियों, सफाई-कर्मियों समेत जरूरी सेवा से जुड़े तमाम कर्मियों को प्रोत्साहन राशि मुहैय्या करानी चाहिए। जिन सरकारी विद्यालयों को कोरोना नियंत्रण कक्ष बनाया गया है वहां पर पर्याप्त मास्क व सेनेटाईजर एवं स्ट्रेलाइजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए। शिक्षक नेताओं ने कहा हड़ताली शिक्षक आपदा की घड़ी में सरकार के द्वारा उठाये जा रहे जरुरी कदमों के साथ मुस्तैदी से खड़े हैं। सरकार को भी हड़ताली शिक्षकों के मसले पर अपना पक्ष रखना चाहिए। आंदोलन के अनदेखी की स्थिति में शिक्षक हड़ताल जारी रहेगी।

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