पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दूध बेचकर हर दिन कमाते थे 3 रुपए, लेकिन आज हैं 255 करोड़ की कंपनी के मालिक

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नेशनल डेस्क. पश्चिम बंगाल के नारायण मजूमदार। जिन्होंने शुरुआत 3 रुपए कमाने से की और आज 255 करोड़ रु. की कंपनी के मालिक हैं। उन्होंने दूध बेचकर इतना बड़ा बिजनेस खड़ा कर लिया। मजूमदार की कंपनी रेड काऊ डेयरी प्राइवेट लिमिटेड आज पूर्वी भारत में दूध और दूध उत्पादों की बड़ी सप्लायर डेयरी में से एक है।

- 25 जुलाई 1958 को पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले के फुलिया गांव में पैदा हुए नारायण तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनकी दो बहनें हैं। नारायण के पिता एक किसान थे। गरीबी में बीते दिनों को याद करते हुए नारायण मजूमदार बताते हैं कि 1973 में जब उनकी बड़ी बहन की शादी थी तो खर्च के लिए उनके पिता को अपनी जमीन बेचनी पड़ी थी। 

 

साइंस से किया ग्रेजुएशन
नारायण मजूमदार ने साइंस से ग्रेजुएशन किया। वो अपनी पढ़ाई के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि मेरे गांव में रहने वाले सरकारी विभाग के अधिकारी ने कहा कि ग्रेजुएशन की डिग्री के बजाय डेयरी से जुड़ा कोई कोर्स करूं तो जल्द ही नौकरी मिल जाएगी। मुझे उनका सुझाव पसंद आया और मैं डेयरी से जुड़ा कोर्स करने लगा।

 

डेयरी टेक्नोलॉजी से किया बीटेक
नारायण मजूमदार ने 1975 में डेयरी टेक्नोलॉजी से बीटेक किया। चार साल के कोर्स के दौरान खर्च चलाने के लिए एक दूध बेचने वाले के यहां 5 से 7 बजे तक सेल्समैन का काम करने लगे। उस दौरान उन्हें हर दिन 3 रुपए मिलता था। जिससे कॉलेज के दिनों का खर्च चलता था।

 

कोर्स पूरा करने के बाद मिल गई नौकरी
नारायण बताते हैं कि जब कोर्स पूरा हुआ तो नौकरी मिल गई। लेकिन ज्यादा दिनों तक नौकरी नहीं की। उन्होंने एक साल से कम समय तक काम किया और फिर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद भी एक दो जगहों पर नौकरी की लेकिन वो भी छोड़ दिया।

नारायण कहते हैं कि "मैं जहां काम करता था उसका मालिक बहुत अच्छा था। उन्होंने मुझे अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए कहा। मैंने भी धीरे-धीरे किसानों से दूध खरीदना शुरू किया और फिर मैंने वही दूध उसी फर्म को बेचना शुरू किया जिसके लिए मैं काम करता था।" 

- जब ज्यादा दूध इकट्ठा होने लगा तो मैंने रेड काऊ नाम से खुद की ही एक कंपनी शुरू कर दी। नारायण कहते हैं, कुछ गांवों की सड़कें बहुत ऊबड़-खाबड़ थीं, जिनपर चलना मुश्किल होता था इसके बाद भी मैं कई किलोमीटर तक चला जाता था। नारायण मजूमदार कहते हैं कि 1999 में हुगली जिले में पहला मिल्क चिलिंग प्लांट लगाया। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ने लगा। साल 2009 में नारायण के बेटे ने कंपनी ज्वॉइन की। आज नारायण मजूमदार 255 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं।