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डाउनलोड करेंपटना. राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधा का मिल्क पाउडर बच्चों के पोषक आहार के रूप से आपूर्ति की जाएगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा। दूध उत्पादक किसानों को सुधा पशुआहार दाना पर दो रुपए प्रति किलो सरकार अनुदान देगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को बापू सभागार में कॉम्फेड की 35 वीं स्थापना दिवस समारोह में यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सुधा का ब्रांड प्रतिष्ठा का है। खपत और मांग बढ़ रही है। आपलोग अमूल से प्रतियोगिता करेंगे, तो क्वालिटी से किसी तरह समझौता नहीं कीजिए। कॉम्फेड से जुड़े सभी लोगों को सीएम ने आगाह किया कि सुधा की क्वालिटी से कोई समझौता किया और एक बार विश्वसनीयता कम हुई तो परेशानी हो जाएगी। सभी प्रोडक्ट में गुणवत्ता के प्रति सजग रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला सशक्तीकरण का नमूना है कि अब तक 2653 महिला दुग्ध उत्पादक समितियां बन चुकी हैं, जिसमें एक लाख से अधिक महिलाओं को आय हो रही है। महिलाओं में इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। दूध और इससे बने प्रोडक्ट तो बिहार के साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक भेजा जा रहा है।
हमलोगों की सरकार बनने के पहले भी जब राज्य में कुछ भी उपलब्धि नहीं थी, तब भी कॉम्फेड की उपलब्धि अच्छी थी। आज तो प्रति दिन 20.85 लाख लीटर दूध का संग्रहण होता है। सरकार कॉम्फेड के माध्यम से पशुपालकों और उपभोक्ताओं को लाभ दिलाने के का प्रयास कर रही है। विभिन्न योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान किया जा रहा है।
सीएम ने 144.67 करोड़ की लागत से बने 6 डेयरी, मिल्क पाउडर और आइस्क्रीम संयंत्र का भी उद्घाटन किया। सुपौल में एक लाख लीटर क्षमता का डेयरी संयंत्र, समस्तीपुर व हाजीपुर में 30-30 एमटी के दो मिल्क पाउडर संयंत्र, पटना और बिहारशरीफ में 20-20 हजार लीटर दैनिक क्षमता के दो आईसक्रीम संयंत्र शामिल हैं। पटना में 150 टन के नव निर्मित पशु आहार कारखाना के साथ ही पशु आहार कारखाना की क्षमता में 50 टन की वृद्धि भी की गई। सुधा के नए दुग्ध उत्पाद टेट्रापैक में फ्लेवर्ड मिल्क भी लॉच किया गया।
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