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स्वास्थ्य संवाददाता, बीबीसी न्यूज़
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी के उपभोग में भारी कटौती होनी चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन और इंग्लैंड में सरकार के सलाहकारों ने हाल ही में चीनी खाने की तय मात्रा को कम करने का प्रस्ताव दिया है.
इस नई सलाह के मुताबिक़ एक व्यक्ति को मिलने वाली ऊर्जा का पाँच फीसदी ही चीनी से आना चाहिए. पहले इसकी तय सीमा 10 फीसदी रखी गई थी.
लेकिन बीएमसी जर्नल में छपे एक शोध के मुताबिक़ इसकी मात्रा तीन फीसदी से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए.
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह कदम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और दांतों की सड़न पर आने वाले खर्च के मद्देनज़र उठाया गया है.
दांतों की सड़न के इलाज पर आने वाला खर्च स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कुल खर्च का पाँच से 10 फीसदी हिस्सा होता है.
उनका कहना है कि चीनी दांत में सड़न की समस्या का मुख्य कारण है.
चीनी में कटौती की तमाम कोशिशों के बावजूद ऐसे कई सबूत सामने आए हैं कि लोग अभी पुराने 10 फ़ीसदी के मापदंड के हिसाब तक भी कटौती नहीं कर पा रहे हैं.
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