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अजीब प्रथा : हंसते हुए लोगों के सामने बच्चों को रुलाते हैं सूमो पहलवान

हां सूमो पहलवान सरेआम छोटे-छोटे बच्चों को जोर-जोर से रूलाने की कोशिश करते हैं। ये सबके सामने होता है।

Danik Bhaskar | Apr 30, 2018, 01:01 PM IST

जापान की एक अजीबोगरीब प्रर्था इन दिनों चर्चा में आ रही है। यहां सूमो पहलवान सरेआम छोटे-छोटे बच्चों को जोर-जोर से रूलाने की कोशिश करते हैं। ये सबके सामने होता है जहां, सूमो बच्चों को हिलाते हैं और डरावना नकाबपोश रेफरी जोर से चिल्लाता है रो- रो और लोग जोर-जोर से हंसते हैं। इस वजह से है ये परंपरा...

- जापान में ये परंपरा 400 साल पुरानी है। माना जाता है कि जोरों से चिल्लाने और रो लेने से भाग्य अच्छा होता है। इसी वजह से यहां के नाजीकूमो त्यौहार के दौरान ये दृश्य आम होता है।

ऐसे होता है ये सब

यहां के सेनसोजी मंदिर के सामने एक बड़ा एरिना बनाया जाता है। यहां दो सूमो पहलवान नन्हें बच्चों को उठाकर रिंग में पहुंचते हैं। रिंग में आते ही वे जोर-जोर से चिल्लाते हैं। सूमो को चिल्लाते हुए देख कुछ बच्चे तुरंत रोने लगते हैं, तो वहीं कुछ को रूलाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। जैसे ही बच्चे रोते हैं नीचे खड़े उनके माता-पिता और बाकी दर्शक जोरों से तालिया बजाते और खुशी मनाते हैं। इस उम्मीद में कि अब उनके बच्चे का भाग्य और अच्छा हो जाएगा।

बुरी शक्तियाें का नाश

- यहां ऐसी भी मान्यता है कि चीखने से बुरी शक्तियों का नाश होता है। बच्चे जितनी जोरों से चीख कर रोते हैं वे उतने ज्यादा सुरक्षित हो जाते हैं। इसके के लिए पेरेंट्स को करीब 70 पाउंड (करीब 6500 रु) चुकाने होते हैं।

फोटोज में देखें, कैसे होता है ये सब..