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पति को हुई थी गंभीर किस्म की बीमारी, साथ रहते-रहते महिला के अंदर आ गई खास ताकत, सूंघकर ही पहचान लेती है बीमारी

एक वर्ष पहले
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ग्लासगो. स्कॉटलैंड में रहने वाली एक महिला को सूंघने की इतनी जबरदस्त क्षमता हासिल है कि वो इसके जरिए पर्किंसन जैसी गंभीर बीमारी का पता लगा लेती है। महिला की इसी क्षमता ने वैज्ञानिकों को इस बीमारी का पता लगाने व उसके इलाज के लिए एक नया टूल दे दिया है। ग्लासगो की रहने वाली 68 साल की जूली मिलने एक रिटायर्ड नर्स है। उसके पति को 45 साल की उम्र में पर्किंसन हो गया था। तब अपने पति के शरीर में उसने एक खास तरह की गंध को महसूस किया था। पति की मौत के 12 साल बाद तक जूली को नहीं पता था कि उसमें पर्किंसन को सूंघने की क्षमता है। लेकिन कुछ साल पहले जब वो पर्किंसन से पीड़ित लोगों के एक ग्रुप से मिली तब जाकर ये राज खुला।

कपड़े सूंघकर बीमारी पहचान लेती है महिला

- कुछ साल पहले जूली पर्किंसन की बीमारी से जूझ रहे लोगों के एक ग्रुप से मिली थी, तब उसने सभी के अंदर एक खास तरह की गंध को महसूस किया, जो कि उसे अपने पति के शरीर से आती थी।
- इसके बाद उसने इस बारे में पर्किंसन पर शोध कर रहे डॉक्टर्स से बात की तो उन्होंने जूली की इस क्षमता को जांचने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने इस बीमारी से पीड़ित दर्जनों रोगियों की टी-शर्टों को सामान्य लोगों की टी-शर्ट के साथ मिलाकर जूली को सूंघने के लिए दिया।
- जूली ने टीशर्ट्स को सूंघकर बता दिया कि किन लोगों को ये बीमारी है और किसे नहीं। उसने 98 प्रतिशत मामलों में सटीक जवाब दिया। एक मामले में तो उसने एक स्वस्थ युवक की टी-शर्ट से भी बीमारी की गंध बताई, इसके आठ माह बाद उस युवक में इस बीमारी की पहचान हुई।
- बता दें कि पर्किंसन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रोगी के शरीर के सभी अंग धीरे-धीरे कांपने लग जाते हैं।

बीमारी के लक्षण से जुड़ा हुआ बड़ा खुलासा

- रिसर्च करने पर पता चला कि जूली, मरीज के सीबम में मौजूद एक यौगिक की गंध को सूंघती है। सीबम एक तरह का मोम जैसा पदार्थ होता जो त्वचा को नम रखने के साथ ही इसका बचाव भी करता है, विशेषकर माथे व कमर के ऊपरी हिस्से में।
- सीबम का अत्यधिक मात्रा में निकलना पर्किंसन का लक्षण है। जूली की इसी क्षमता की वजह से शोधकर्ताओं ने उस खास बायोमार्कर को भी पहचान लिया, जिससे इस बीमारी का पता चल सकता है।
- यूके में पर्किंसन अनुसंधान केंद्र के उप निदेशक प्रोफेसर डेविड डेक्स्टर का कहना है कि, 'पर्किंसन में शरीर से निकलने वाले तेल में होने वाले बदलाव का पता लगाना एक शानदार खोज है, जो सिर्फ एक आम महिला व शोधकर्ताओं के बीच बातचीत से निकलकर सामने आई है।' उन्होंने कहा कि अब यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि किस स्तर पर त्वचा की जांच से इस बीमारी का पता लग सकता है।

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