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डाउनलोड करेंभोपाल. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तरप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियो को दी जा रही आवास की सुविधा वापस ले ली है। इसी के तहत राज्य में पूर्व में रहे मुख्यमंत्रियों के आवास खाली कराए जा रहे हैं, लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने सरकारी बंगले खाली कर दिए हैं। बावजूद इसके सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का मध्यप्रदेश पर कोई असर नहीं हुआ है, यहां पूर्व मुख्यमंत्रियों में दिग्विजय सिंह, उमाभारती, कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर के बंगले खाली कराए जाने के बारे में कोई सुगबुगाहट नहीं है।
गृह विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा- फिलहाल मामला कोर्ट में
मध्यप्रदेश में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिली आवास की सुविधा वापस लेने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई है, जिस पर फैसला आना है। हालाकि इसमें सामान्य प्रशासन विभाग को कोर्ट में जवाब देना है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव का कहना है कि फिलहाल यह मामला कोर्ट में है। इधर राज्य सरकार ने सरकार ने राजधानी में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आलीशान बंगलों की सुविधा दे रखी है।
सरकार करती है भुगतान
इनमें अधिकांश बंगले 1 से 1.5 एकड़ क्षेत्र में फैले हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा दिवंगत मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के नाम पर भी बंगला अलॉट है जो उनके भतीजे सुरेंद्र पटवा के पास है। मध्यप्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर उन्हें बंगले के अलावा अन्य सुविधाएं भी दी हैं। इनका किराया महज 3000 रुपए है जिसका भुगतान सरकार करती है।
पूर्व सीएम आवंटित बंगले का एरिया किराया
| दिग्विजय सिंह | 6070 वर्ग मीटर (बिल्डअप 260 वर्गमीटर यानी 2800 वर्गफीट) | 3000 रुपए |
| उमा भारती | 4046 वर्गमीटर (बिल्डअप 252 वर्गमीटर यानी 2712 वर्गफीट) | 3000 हजार |
| कैलाश जोशी | 4046 वर्गमीटर (बिल्डअप 252 वर्गमीटर यानी 2712 वर्गफीट) | 3000 रुपए |
| बाबूलाल गौर | 4046 वर्गमीटर (बिल्डअप 252 वर्गमीटर यानी 2712 वर्गफीट) | 3000 रुपए |
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