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डाउनलोड करें- राज्यपाल वजूभाई वाला ने केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया था जिस पर विवाद हुआ
- कांग्रेस-जेडीएस ने इस फैसले का विरोध किया और इसे गलत बताया
बेंगलुरु/ नई दिल्ली. कर्नाटक विधानसभा में सीएम बीएस येदियुरप्पा के बहुमत साबित करने के पहले कांग्रेस-जेडीएस को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा। कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस-जेडीएस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रोटेम स्पीकर के तौर पर भाजपा विधायक केजी बोपैया की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बोपैया ही प्रोटेम स्पीकर होंगे। हालांकि, कोर्ट ने कांग्रेस की मांग पर मत विभाजन का लाइव टेलीकास्ट करने का निर्देश दिया। कांग्रेस का आरोप था कि सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है, लेकिन राज्यपाल वजुभाई वाला ने ऐसा नहीं किया। बता दें कि फ्लोर टेस्ट शाम 4 बजे होगा।
1) सुबह 11:15 बजे: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस की अर्जी ठुकराई
कपिल सिब्बल: केजी बोपैया का मामला अलग है। बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने में लंबे समय से चली आ रही परंपराओं को तोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए दो फैसलों में ये व्यवस्था दी है। राज्यपाल के पास इस बारे में बहुत कम अधिकार हैं।
जस्टिस बोबड़े: कई मौकों पर ये भी देखा गया है कि सदन के सबसे वरिष्ठ विधायक को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त नहीं किया गया। बोपैया को नोटिस भेजेंगे तो फ्लोर टेस्ट रुक जाएगा।
- सिब्बल ने केजी बोपैया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 2011 के उस फैसले को पढ़कर सुनाया, जिसमें फ्लोर टेस्ट के वक्त उनके फैसलों की आलोचना की गई थी। उस वक्त बोपैया ने कुछ विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी।
जस्टिस बोबडे: मिस्टर सिब्बल, अगर आप बोपैया की नियुक्ति की समीक्षा चाहते हैं, तो हम उन्हें नोटिस जारी कर जवाब तलब करेंगे। लेकिन इसके लिए हमें फ्लोर टेस्ट स्थगित करना पड़ेगा।
सिब्बल: नहीं फ्लोर टेस्ट तो आज ही होना चाहिए, बोपैया को रोका जाना चाहिए।
जस्टिस बोबड़े: हम बोपैया की बात सुने बिना उनके खिलाफ आदेश कैसे पारित कर सकते हैं। आप विरोधाभासी बातें कह रहे हैं। आप प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति रद्द करने की बात कह रहे हैं और दूसरी ओर आप उन्हें जवाब देने के लिए समय नहीं देना चाहते। हम आपको सुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए हमें फ्लोर टेस्ट को टालना होगा। हम प्रोटेम स्पीकर नियुक्त नहींं कर सकते
कपिल सिब्बल: कोर्ट प्रोटेम स्पीकर नियुक्त कर दे।
जस्टिस बोबडे: हम ऐसा नहीं कर सकते और न ही कानून में इसका कोई प्रावधान है।
तुषार मेहता: फ्लोर टेस्ट का लाइव प्रसारण हो तो पारदर्शिता बनी रहेगी।
जस्टिस बोबड़े: अच्छा सुझाव है। हमारा सुझाव है कि फ्लोर टेस्ट का लाइव टेलीकास्ट हो और इसकी फीड सभी न्यूज़ चैनल को दी जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
जस्टिस सीकरी: अब छुट्टियों का आनंद लो। सदन के सचिव फ्लोर टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग कराएंगे ओर ये फीड सभी लोकल न्यूज चैनल को दी जाए। इस फीड का चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाए।
तीन सदस्यीय बेंच ने किसने किसकी तरफ से जिरह की?
- याचिका पर सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय बेंच में जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबड़े और जस्टिस अशोक भूषण शामिल थे।
- कर्नाटक सरकार और राज्यपाल वजूभाई वाला की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में दलीलें दीं।
- कांग्रेस और जेडीएस की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने जिरह की।
2) सुबह 11:00 बजे: कर्नाटक विधानसभा में कार्यवाही शुरू हुई
- फ्लोर टेस्ट के पहले प्रोटेम स्पीकर केजी बोपैया ने सदन की कार्यवाही शुरू की। इस दौरान येदियुरप्पा और सिद्धारमैया ने शपथ ली। एक साथ दो-तीन विधायकों को शपथ दिलाई गई।
3) सुबह 10:30 बजे: सुप्रीम कोर्ट में प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई
मामला क्या था: राज्यपाल वजुभाई वाला ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फ्लोर टेस्ट कराने के लिए केजी बोपैया को नियुक्त किया।
- कांग्रेस-जेडीएस ने इस फैसले का विरोध किया और इसे गलत बताया। शुक्रवार देर शाम सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फौरन सुनवाई की मांग की। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार सुबह 10:30 बजे का वक्त तय किया।
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