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30 साल पुराने रोडरेज मामले में सिद्धू के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित रखा

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली/चंडीगढ़.  रोडरेज के 30 साल पुराने मामले में आरोपी पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस जे चेलामेश्वर व संजय किशन कौल की बेंच के सामने एक बार फिर सिद्धू की ओर से केस के मेडिकल साक्ष्यों पर सवाल उठाए गए। दलील दी गई कि गुरनाम की मौत हार्ट अटैक से हुई थी न कि ब्रेन हेमरेज से। हालांकि पंजाब सरकार इस दावे को झुठला चुकी है कि गुरनाम की मौत कार्डिएक अरेस्ट से हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दो महीने में फैसला आ सकता है। जस्टिस चेलामेश्वर 23 जून को रिटायर होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें उससे पहले फैसला सुनाना होगा।

 

सिद्धू फिर बोले- गुरनाम की मौत हार्ट अटैक से हुई थी, ब्रेन हेमरेज से नहीं
सिद्धू के वकील चीमा ने कहा कि छह सदस्यीय डॉक्टरों के बोर्ड में शामिल उन डाॅक्टरों को गवाह के तौर पर शामिल नहीं किया गया, जिन्होंने मृतक की मौत को लेकर अपना भिन्न मत दिया था। पुलिस ने उन्हीं को गवाह बनाया, जो उनके केस को सपोर्ट करते थे। असल में गुरनाम की मौत कार्डिएक अरेस्ट से हुई। इन तथ्यों की हाईकोर्ट द्वारा अनदेखी की गई है।

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