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डाउनलोड करेंसूरत। डिंडोली के मानसी रेजिडेंसी में रहने वाले विराज (4 साल) और हेलीश (5 साल) की मौत के तीन दिन बाद भी उनके परिजन सदमे से उबर नहीं पाए हैं। उन्हें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि हमेशा साथ-साथ रहने वाले दोनों बच्चे साथ ही कभी न लौटने के लिए चले गए हैं। बच्चों के माता-पिता की हालत अभी भी ठीक नहीं है। हत्या का संदेह...
परिवारजनों को संदेह है कि उनके बच्चों की मौत नहीं हुई है, हत्या की गई है। पुलिस ने अब हत्या के एंगल से जांच शुरू की है। कार रखने वाले जयेंद्र ठाकोर से पूछताछ की गई है। उसने बताया कि कार उसके दोस्त की है। अब पुलिस उसके दोस्त प्रवीण पटेल से भी पूछताछ करेगी। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विराज और हेलीश नमकीन-सेव लेने घर से निकले थे। सोसाइटी से कुछ दूर पर स्थित दुकान से नमकीन खरीदने के बाद दोनों बच्चे घर नहीं लौटेे। शाम को पता चला कि घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कार में दोनों बच्चे बंद हैं। कार का कांच फोड़कर बच्चों को बाहर निकाला गया। तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। विराज और हेलीश के कोमल शरीर पर पड़े फफोलों और जलने के निशान देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए थे।
बाहर बैठते हैं, क्योंकि घर में घुसते ही रुला देती हैं यादें
विराज और हेलीश की मौत के तीन दिन बाद भी उनके परिजन सदमे से उबर नहीं पाए हैं। सभी घर के बाहर ही बैठते हैं, क्योंकि घर में घुसते ही बच्चे की यादें उन्हें रुला देती हैं। सभी दु:खी हैं, उन्हें लगता है कि बच्चे कभी भी घर आ सकते हैं।
पुलिस कर रही केस की तहकीकात
परिवारजनों ने पुलिस से मांग की है कि बच्चों की हत्या की गई है, इसलिए आरोपी को पकड़ा जाए और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डिंडोली थाने के पुलिस इंस्पेक्टर वीएम मकवाना इस मामले की खुद जांच कर रहे हैं। पुलिस अब कार मालिक प्रवीण पटेल का भी बयान दर्ज करेगी।
संदेह: कहीं जयेंद्र झूठ तो नहीं बोल रहा?
कार के मालिक प्रवीण से पूछताछ कर पुलिस यह पता करने की कोशिश करेगी कि जयेंद्र सही बोल रहा है कि नहीं। जयेंद्र ठाकोरभाई ने पुलिस की पूछताछ में कहा था कि उसके दोस्त प्रवीण पटेल ने कार उसके घर पर लाकर खड़ी की थी। उसे तो कार चलानी ही नहीं आती।
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