पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Surgery Of Uterus By Leproscopy At JP Hospital Available Dialysis Machines

जेपी में लेप्रोस्कोपी से होगी बच्चादानी की सर्जरी, पांच डायलिसिस मशीनें भी लगेंगी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भोपाल.   जेपी अस्पताल में जुलाई के दूसरे सप्ताह से हार्ट, किडनी और सड़क हादसों के मरीजों को स्पेशिएलिटी ट्रीटमेंट मिलने लगेगा। इसके लिए हॉस्पिटल को अपग्रेड किया जाएगा। मेडिसिन, सर्जरी, ऑप्थेल्मोलॉजी और एनीस्थिसिया विभाग में मॉर्डन तकनीक की मशीनें लगाई जाएंगी। यह फैसला पिछले सप्ताह जेपी अस्पताल में कलेक्टर सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में लिया गया।

 

जेपी अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया कि संस्थान में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा नहीं होने से रोज बच्चेदानी की सर्जरी कराने वाली 3 से 5 महिलाएं निजी अस्पतालों में रैफर हो जाती थीं। जबकि इस सर्जरी को करने वाली स्त्री रोग विशेषज्ञ अस्पताल में हैं। इसके चलते संस्थान में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी यूनिट जुलाई में शुरू होगी। वहीं हार्ट पेशेंट की ईको और टीएमटी जांच जुलाई से होने लगेंगी। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन एक-एक टीएमटी और ईको कार्डियोग्राफी मशीन खरीदेगा।  

डायलिसिस के लिए मरीजों की वेटिंग होगी कम  

 

अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में किडनी मरीजों की वेटिंग को कम करने के लिए रोगी कल्याण समिति पांच डायलिसिस मशीनें खरीदेगा। अभी अस्पताल में 13 मशीनों की डायलिसिस यूनिट हैं, जिसमें से पांच मशीनें खराब हैं। इस कारण यहां डायलिसिस के लिए 30 मरीजों में से 15 को एक दिन का इंतजार करना पड़ता है। नई मशीनों के शुरू होने से यह वेटिंग घटकर 5 रहने का अनुमान है।  

 

डॉक्टरों को सौंपी जिम्मेदारी  
अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसिन विभाग के तीन स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स को डायलिसिस, आईसीयू, टीएमटी-ईको यूनिट का प्रभारी बनाया है। उल्लेखनीय है अस्पताल की टीएमटी और ईको मशीन खराब हो गई हंै।  

 

बनाई जाएगी स्मार्ट पार्किंग
यहां पर अव्यवस्थित पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट पार्किंग बनाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत पार्किंग स्पेस बढ़ाया जाएगा। ताकि मरीजों के परिजनों की गाड़ियों को खड़ा करने में दिक्कत न आए।

 

मशीन खरीदी का प्रस्ताव हो रहा है तैयार

जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर आईके चुघ ने बताया कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उनके बेहतर इलाज के लिए आधुनिक मशीनों की खरीदी का प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है। करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए की लागत से नई आधुनिक मशीनें खरीदी जाएगी। 

खबरें और भी हैं...