• Hindi News
  • Jeevan Mantra
  • Jyotish
  • Rashi Aur Nidaan
  • surya and shani in kundli, surya ke upay, अगर कुंडली में सूर्य शनि एक साथ हों तो सूर्य के 5 उपाय करें, हर परेशानी हो सकती है दूर
विज्ञापन

अगर कुंडली में सूर्य-शनि एक साथ हों तो सूर्य के 5 उपाय करें, हर परेशानी हो सकती है दूर

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 05:50 PM IST

कुंडली के ग्रह दोषों की वजह से हमारे जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।

surya and shani in kundli, surya ke upay, अगर कुंडली में सूर्य-शनि एक साथ हों तो सूर्य के 5 उपाय करें, हर परेशानी हो सकती है दूर
  • comment

रिलिजन डेस्क। ज्योतिष में सूर्य को तेजस्वी ग्रह माना गया है और शनि धीमी गति से चलने वाला ग्रह है। सूर्य पिता और शनि पुत्र है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य-शनि किसी भाव में एक साथ स्थित हो तो पिता-पुत्र के बीच संबंध ठीक नहीं रहते हैं। अगर व्यक्ति का पुत्र अलग रहता है तो सूर्य-शनि का ये योग आपसी मतभेद और बढ़ा देता है। सूर्य-शनि साथ होने से पिता से नहीं बनती है या पिता का साथ नहीं मिल पाता है। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार सूर्य-शनि के योग से जुड़ी खास बातें और उपाय...

- यदि सूर्य शनि समसप्तक यानी आमने-सामने हो तब भी पिता और पुत्र में वैचारिक मतभेद बने रहते हैं।

- यदि सूर्य लग्न में और शनि सप्तम भाव में हो तो ये समसप्तक योग घर-परिवार में वैचारिक मतभेद करवाता है। स्वास्थ्य में भी गड़बड़ रहती है। वाणी में संयम नहीं रह पाता है, जिससे काम बिगड़ सकते हैं। धन संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं।

- यदि सूर्य तृतीय और शनि नवम भाव हो तो इस योग से भाइयों, मित्रों, पार्टनर्स में तालमेल नहीं बन पाता है। भाग्य का साथ नहीं मिलता है। धर्म-कर्म में आस्था नहीं रहती है।

- कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य व दशम भाव में शनि हो तो व्यक्ति से दूर हो सकता है। पिता-पुत्र एक साथ नहीं रह पाते। किसी भी कारण से पुत्र की दूरी पिता से बनी रहती है।

- पंचम भाव और एकादश से बनने वाला समसप्तक योग व्यक्ति की शिक्षा में बाधक बन सकता है। संतान से भी वैचारिक मतभेद होते हैं।

- यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में षष्टम और एकादश भाव में सूर्य-शनि का समसप्तक योग बन रहा है तो उसे आंखों से जुड़ी बीमारी हो सकती है। कोर्ट-कचहरी में सफलता मिलती है।

सूर्य-शनि के योग के अशुभ योग के लिए उपाय

1. रोज सुबह-सुबह सूर्य को तांबे के लोटे जल चढ़ाएं।

2. शनिवार को तेल का दान करें।

3. शनिवार को पीपल की सात परिक्रमा करें।

4. हनुमानजी की पूजा से सूर्य और शनि दोनों के दोष दूर हो सकते हैं।

5. सूर्य और शनि के मंत्र का जप करें। सूर्य मंत्र- ऊँ सूर्याय नम:। शनि मंत्र- ऊँ शं श्नैश्चराय नम:।

ये उपाय करते रहने से सूर्य-शनि के दोष दूर हो सकते हैं।

X
surya and shani in kundli, surya ke upay, अगर कुंडली में सूर्य-शनि एक साथ हों तो सूर्य के 5 उपाय करें, हर परेशानी हो सकती है दूर
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें