Hindi News »Abhivyakti »Editorial» Tax Process As Per Condition On Necessary Products

जरूरी चीजों पर अपने आप बदलने वाली टैक्स प्रणाली लागू हो: करंट अफेयर्स पर अंडर 30 के युवाओं की सोच

जरूरत एक ऐसी प्रणाली है, जिसे कर प्रणाली में आने वाली वस्तुओं पर आजमाया जा सकता है।

दिवाकर झुरानी | Last Modified - Jun 08, 2018, 01:52 AM IST

जरूरी चीजों पर अपने आप बदलने वाली टैक्स प्रणाली लागू हो: करंट अफेयर्स पर अंडर 30 के युवाओं की सोच
पिछले कुछ माह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें तथा सरकारी टैक्स के कारण ईंधन की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा वसूल कर यह लगभग 100 फीसदी है। अनुमान है कि पेट्रोल-डीज़ल को 28 फीसदी की जीएसटी दर में लाया जाए तो सरकार को हर साल 2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होगा।
देश में विभिन्न सरकारों ने राजनीतिक जरूरत के मुताबिक ईंधन की कीमतें बदली हैं। ज्यादातर आवश्यक वस्तुओं की कीमतें प्राय: ऊपर-नीचे होती रहती हैं। ईंधन पर तो भारी टैक्स लगता है, खाद्य पदार्थों के साथ ऐसा नहीं होता। सबसे बड़ी समस्या तेजी से इन कीमतों को न बदल पाने की सरकार की अक्षमता और उपभोक्ता की जरूरत की बजाय राजनीति को तरजीह देना है। जरूरत एक ऐसी प्रणाली है, जिसे कर प्रणाली में आने वाली वस्तुओं पर आजमाया जा सकता है। सरकार किसी चीज पर टैक्स घोषित करे और फिर मर्जी मुताबिक बदले, इसकी बजाय वह न्यूनतम और अधिकतम टैक्स दर घोषित करे। टैक्स दर 3-4 फीसदी की सालाना महंगाई दर बनाए रखने के लिए अपने आप बदल सकती है। मान लें कि सरकार पेट्रोल पर 28 फीसदी की न्यूनतम दर (जीएसटी जैसी) और वर्तमान की तरह 100 फीसदी की अधिकतम दर तय करे।
अब टैक्स दर इस तरह बदले कि पेट्रोल कीमतों में न्यूनतम उतार-चढ़ाव हो। जैसे कच्चा तेल 30 डॉलर प्रति बैरल हो, जैसा 2014 में था तो पेट्रोल 36 रुपए लीटर होगा। ऐसी हालत में तेल की लागत 18 रुपए होगी और अभी की तरह सौ फीसदी टैक्स होगा। मान लें कि कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल हो जाती है तो टैक्स दर 28 फीसदी के न्यूनतम पर आ जाएगी। तब पेट्रोल अभी के 77 रुपए लीटर (सौ फीसदी टैक्स) की बजाय 50 रुपए प्रति लीटर होगा। इस तरह कीमतों में स्थिरता का उपभोक्ता को फायदा मिलेगा। इस प्रणाली की सबसे अच्छी बात यह होगी कि इसमें सरकार के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि टैक्स दरें अपने आप बदल जाएंगी और सुशासन सुनिश्चित होगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Editorial

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×