--Advertisement--

भाई-बहन की बॉन्डिंग : बचपन से पेरेंट्स साथ खेलने और सम्मान देने की सीख दें तो जीवनभर मजबूत रहेगा रिश्ता

भाई-बहन यूं तो हमेशा ही एक-दूसरे का साथ देते हैं लेकिन कई बार इसका एहसास उन्हें बचपन से कराना जरूरी होता है।

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 07:47 PM IST

रिलेशनशिप डेस्क. घर में बच्चे हों और उनके बीच नोक-झोंक न हो यह नामुमकिन है। कभी टीवी के रिमोट के लिए तो कभी अपनी पसंदीदा ड्रेस के लिए। यह सब तो छोटी-छोटी तकरारें हैं। लेकिन कई बार इस प्यार भरे रिश्ते पर बालमन में पहुंची ठेस नुक़सान पहुंचा देती है जिसके परिणाम दुखद होते हैं। अगर बच्चों का आपस में रिश्ता गड़बड़ा रहा है तो उनके बीच रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी क़दम उठाने की आवश्यकता है। अश्लेषा कौशिक बता रही हैं पेरेंट्स इस रिश्ते को कैसे मजबूत बनाएं...

साथ खेलने को दें तरजीह
ऐसे खेलों और गतिविधियों को बढ़ावा दें जिसमें बच्चे साथ मिलकर खेल सकें। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि जब बच्चे साथ खेलते हैं तो उनके बीच रिश्ते कई गुना बेहतर होते हैं। बच्चों में उम्र और पसंद का अंतर होने से कई बार एक से खेल खेलना मुश्किल होता है। अगर बच्चे घर में खेल रहे हैं तो साथ में रचनात्मक खेल खेलने को कहें जैसे- क्राफ्ट मेकिंग, क्ले आर्ट आदि। बच्चे दिन में कम से कम एक खेल साथ में जरूर खेलें।

बचपन से सिखाएं सम्मान
छुटपन में बड़े भाई-बहनों का नाम लेना या उनपर चिल्लाने को बचपना समझकर नजरअंदाज न करें। बचपन से ही उन्हें बड़ों को सम्मान देना सिखाएं। छोटी-छोटी बातें जो बचपन में नजरअंदाज कर दी जाती हैं वे बड़े होकर आदत बन जाती हैं जिन्हें बदलना मुश्किल होता है। अभिवावक भी इस बात का ख्याल रखें कि एक-दूसरे के साथ बच्चों के सामने न झगड़ें व छोटे बच्चे के सामने बड़े बच्चे के साथ ग़लत व्यवहार या ऊंची आवाज में बात न करें। इससे बच्चे जानेंगे कि बड़ों का मान करना जरूरी है व उनसे बुरी तरह पेश नहीं आया जा सकता।

एक दूसरे के लिए खड़े हों
भाई-बहन यूं तो हमेशा ही एक-दूसरे का साथ देते हैं लेकिन कई बार इसका एहसास उन्हें बचपन से कराना जरूरी होता है। बच्चे जब साथ खेलें तो उस दौरान उनकी प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। आपस में खेलते समय उनके बीच के जुड़ाव को देखें। साथ ही बड़े भाई/बहन से कहें कि वे अपने छोटों को तैयार होने में मदद करें जैसे- जूतों की लेस बांधना सिखाएं, बैग जमाना, बॉटल भरना, टिफिन बैग में रखना आदि छोटे-छोटे काम सिखाएं।