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डाउनलोड करेंआदेश कुमार गुप्त
खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
इसी हफ़्ते शनिवार को ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में संयुक्त रूप से आयोजित होने वाले विश्प कप क्रिकेट टूर्नामेंट का बिगुल बजेगा.
दूसरी तरफ अगले ही दिन मौजूदा विश्व चैंपियन भारत, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपने अभियान की शुरूआत करेगा.
इससे पहले भारतीय टीम ने रविवार को ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ एडिलेड में अभ्यास मैच खेला है.
वैसे तो इन मैचों की अधिक अहमियत नहीं होती, लेकिन जो टीम अभी भी अपनी पहली जीत को तरस रही हो, उसके लिए तो यह मैच भी बेहद महत्वपूर्ण था.
भारत इस मैच में भी 106 रनों से हारा. ऑस्ट्रेलिया ने एडिलेड में भारतीय गेंदबाज़ो को आड़े हाथों लेते हुए टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 48.2 ओवर में 371 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया.
नकारात्मक सोचसलामी बल्लेबाज़ डेविड वार्नर ने 83 गेंदो पर 14 चौक्के और 2 छक्के लगाते हुए 104 रन बनाए. वार्नर के बाद ग्लेन मैक्सवैल का कहर भारतीय गेंदबाज़ो पर टूटा और उन्होंने तो केवल 57 गेंदो पर 11 चौक्के और 8 छक्के लगाते हुए रिटायर आउट होने से पहले 122 रन बनाए.
मोहम्मद शमी ने तीन विकेट 83 रन देकर लिए. बल्लेबाज़ी में भी भारतीय खिलाड़ी एक बार आउट होने शुरू हुए तो फिर रूके ही नहीं. एक समय 2 विकेट पर 115 रन बनाने वाली भारतीय टीम 45.1 ओवर में 265 रन पर सिमट गई.
शिखर धवन ने 59 रन बनाकर अपनी खोई मुस्कान हासिल की. अजिंक्य रहाणे ने 66 और अंबाती रायडू ने 53 रन बनाए लेकिन रोहित शर्मा, विराट कोहली और सुरेश रैना बड़ी पारी नहीं खेल सके.
भारतीय टीम की विश्व कप से पहले ऐसी हालत को लेकर पूर्व स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं कि जिस टीम की गेंदबाज़ी की शुरूआत स्टुअर्ट बिन्नी करें तो उससे टीम के कप्तान के आत्मविश्वास का भी अंदाज़ा लगाया जा सकता हैं.
मनिंदर के अनुसार सबसे बड़ी बात ये है कि अब तो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी नकारात्मक सोच से भर गए हैं. उनका यह कहना कि टीम थक गई है उसे आराम की ज़रूरत है.
खोया आत्मविश्वासवो आगे कहते हैं कि रविंद्र जडेजा जिनकी फिटनेस के लिए इतना इंतज़ार करना पड़ा, क्या धोनी को लग रहा था कि वह आते ही चमत्कार कर देंगे?
उन्होंने अभ्यास मैच में केवल दो ओवर किए, तो क्या वह अभी भी पूरी तरह फ़िट नहीं हैं.
भारतीय गेंदबाज़ी पर मनिंदर सिंह का कहना है कि इस पर तो ऐसे भी भरोसा नहीं किया जा सकता. बल्लेबाज़ ही मैच जीता सकते हैं लेकिन वहां भी सही चुनाव नहीं किया गया है.
वे मानते हैं कि टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाले मुरली विजय को टीम में ज़रूर होना चाहिए था, विराट कोहली को कभी नम्बर तीन पर कभी चार पर भेजा जा रहा है. सुरेश रैना के प्रदर्शन में निरंतरता नही है.
उनका मानना है कि आर अश्विन का आत्मविश्वास, उमेश यादव की गति और लय, और भुवनेश्वर कुमार की विकेट लेने में नाकामी टीम के लिए अहम मुद्दे हैं.
ऐसे में अब क्या अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरे अभ्यास मैच को जीतकर टीम खोई फॉर्म, फ़िटनेस और खोया आत्मविश्वास हासिल करेगी.
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