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डाउनलोड करेंसामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड, उनके पति जावेद आनंद और अन्य तीन लोगों की गिरफ़्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन की रोक लगा दी है.
इससे पहले गुरुवार को चंदे के कथित दुरुपयोग के एक मामले में गुजरात हाई कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड और उनके पति की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.
याचिका ख़ारिज होने के बाद तीस्ता को गिरफ़्तार करने के लिए गुजरात पुलिस मुंबई में उनके घर पर भी पहुंच गई थी.
मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू के नेतृत्व वाली पीठ, तीस्ता के अग्रिम ज़मानत की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर राज़ी हो गई है.
पिछले साल जनवरी में अहमदाबाद की क्राइम ब्रांच शाखा ने तीस्ता, उनके पति जावेद आनंद और स्वर्गीय कांग्रेस सांसद एहसान जाफ़री के बेटे तनवीर के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.
मामलागुलबर्ग सोसाइटी दंगे में अपने परिवार के तीन लोगों को खोने वाले फिरोज ख़ान ने दर्ज कराई थी शिकायत.
तब तीस्ता सीतलवाड ने इस मामले को गुलबर्ग सोसाइटी दंगा मामले में चल रही उनकी न्यायिक लड़ाई को पटरी से उतारने की कोशिश बताया था.
वर्ष 2002 के दंगे में गुलबर्ग सोसायटी के पीड़ितों ने तीस्ता सीतलवाड और अन्य के ख़िलाफ़ उनके नाम पर विदेशी चंदा लेने और उसके दुरुपयोग का आरोप लगाया था.
ये वही सोसायटी है जहां गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान 60 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
तीस्ता के वकील, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया है कि गुजरात सरकार इनकी गिरफ़्तारी के लिए पूरी ताक़त लगा रही है.
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