पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंजालंधर. समर सीजन के 50 दिन बीतने के बाद समर वीक का आगाज हो चुका है। सोमवार को अधिकतर जिलों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। आईएमडी ने अब अगले सात दिन-रात तपने की संभावना जताई है। इनमें 22, 23, 24 मई को गर्मी का प्रकोप अधिक रह सकता है। पारा 440 पार पहुंचेगा। 28 से 30 मई तक बरसात इस भीषण गर्मी से राहत दिला सकती है। अबकी बार जेष्ठ के दो महीने हैं, दूसरा जेष्ठ पहले की अपेक्षा अधिक तप सकता है।
मई 2013 में पहुंचा था 480 पारा
अमृतसर में 24 मई 2013 को पारा 48.0 डिग्री रहा था, यह अब तक का मई का अधिकतम तापमान का रिकाॅर्ड है। जबकि, लुधियाना में 29 मई 1944 को मई का रिकाॅर्ड बना था, तब पारा 48.3 डिग्री दर्ज किया गया था।
पश्चिम विक्षोभ के असर से बारिश के आसार
भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाकों में ऐसी हवाएं जो ऊंची तहों में भूमध्य सागर, महासागर और कुछ हद तक कैस्पियन सागर से नमी लाकर उसे अचानक बारिश और बर्फ के रूप में उत्तर भारत, पाक व नेपाल पर गिरा देता है। यह सर्दियों व गर्मियों दोनों ही सीजन में आते हैं। कई बार मानसूनी सीजन में भी दस्तक देते हैं।
मई में अधिकतम पारा 2-3 डिग्री कम रहा
चंडीगढ़ आईएमडी के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल के मुताबिक, इस बार अप्रैल-मई में 20 पश्चिम विक्षोभ आए हैं। सामान्य तौर पर 4-5 प्रति माह आते हैं, दोगुने पश्चिम विक्षोभ आने से गर्मी अधिक नहीं बढ़ी, क्योंकि बरसात होती रही। यही वजह है कि मई का पारा सामान्य से दो से तीन डिग्री कम है। सामान्य तौर पर मई के इन दिनों में पारा 44 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार 41 के करीब रहा।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.