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बारिश से खेतों में लगी फसल हो रही है बर्बाद, पके अनाज खेतों में पड़ रहे काले
प्रकृति के कहर ने एक बार फिर प्रखंड के किसानों को भारी परेशानी में डाल दिया है। प्रखंड क्षेत्र में रुक रुक कर पिछले एक पखवारे से हुई बे मौसम बरसात ने खेतों में तैयार मटर सहित अन्य साग सब्जी और कटाई के लिए खड़ी सरसो व गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। क्षेत्र में जहां शुक्रवार की रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी दिन भर जारी रही। जिससें ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान हुआ और प्रखंड के बेड़ो, जामटोली, बोदा,खक्सी टोली, टेंगरिया,मुरतो, दिघिया, तुको, बारीडीह, नगड़ी टोली, ईंटा चिन्द्री, चरिमा, करांजी, खत्रिखटंगा, पाकलमेड़ी, पुरियो, फादिलमर्चा, कठर टोली, केशा, जरिया सहित पचासों गांव में बे मौसम बारिश ने फसलों की नुकसान पहुंचाया है। किसान उमेश महतो, दुर्गा महतो, बुधनाथ महतो, पवन महतो, बलदेव महतो, बजरंग महतो, पंचम महतो, ईश्वर महतो, दिनेश महतो, टुकुरु उरांव समेत कई किसानों ने बताया कि पकी खड़ी गेहूं व सरसो फसलें बारिश में खेतों व खलिहानों में भींग कर बर्बाद हो गई हैं। जबकि मटर,गोभी, टमाटर, फ्रेंचबीन, मिर्चा, टमाटर खेतों में पड़ी सड़ रही है। गेहूं की तैयार खड़ी फसल के लिए बारिश में बर्बादी हो रही है। किसान धान के सीजनों में प्राकृतिक आपदा की मार से जहां उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई है। वहीं इस बार के रवी- फसल की खड़ी फसलों से किसान कुछ राहत की सांस ले रहे थे। कि तभी बेमौसम बरसात ने एक बार फिर से करवट बदलकर पूरे प्रखंड के किसानों के बीच चिंता की लकीरें खींच दी है।
चान्हो : वज्रपात से दो भैंसों की मौत
चान्हो| प्रखंड के सिलागाई मे शनिवार को हुए वज्रपात की चपेट मे आकर दो मवेशियों (भैसों) की मौत हो गई। उसमे एक भैस रंथु भगत का था वही दूसरा भैस संदीप उरांव का था। बताया जाता है कि दोनों मवेशियों को घर के पास ही बांध कर रखा गया था। उसी समय दिन के करीब 9 बजे बारिश के साथ हुए वज्रपात की चपेट मे आने से दोनों भैसों की मौत हो गई। इस घटना की जानकारी स्थानीय अंचलाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह को दी गई है। दूसरी ओर रंथु उरांव व संदीप उरांव के अनुसार उनके भैस की कीमत 40 से 50 हजार होगी।
नगड़ी प्रखंड के किसानों की बची खुची फसल खेत में जलमग्न
पिस्का नगड़ी| बारिश से नगड़ी प्रखंड के किसानों की बची खुची फसल खेत में जलमग्न हो गए। मटर, फुल गोभी, बंधा गोभी, गेहूं, बीन सहित कर्ई फसलों को भारी नुकसान हुआ है। नगड़ी के बिहारी महतो, घनश्याम महतो, मोतीलाल महतो, कुलुवा महतो, पियु महतो, राधेश्याम महतो, राजेश महतो, विंध्याचल महतो, भोला महतो, स्वयंवर महतो, रामबरन महतो किसानों ने बताया कि तैयार फसल नष्ट होने से हमें लाखों की क्षति हुई है। किसानों ने बतलाया कि लगभग 20 एकड़ में मटर, 10 एकड़ में फरसबिन, 12 एकड़ में आलू, 6 एकड़ में टमाटर की फसल को बहुत नुकसान हुआ है।
बारिश सेे फिर बढ़ी ठंड
मुरी| बेमौसम बारिश ने ठंढ फिर से ले लाया है। इसके कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ठंढ का प्रकोप भी बढ़ गया है। लोग इससे अच्छा खासा परेशान भी हैं। लोगों का मानना है कि इस समय बारिश का होना अच्छा संकेत नहीं है। किसान वर्ग को इस मौसम ने रुला कर रख दिया है। कारण उनके खेतों में लगे कई फसलों को इससे काफी नुकसान पहुंचा है। वे काफी हतोत्साहित भी है।
आलू, मटर, गोभी की फसल बर्बाद सब्जियों के नहीं मिल रहे खरीदार
चान्हो| बेमौसम हो रही मुसलाधार बारिश के कारण चान्हो व मांडर क्षेत्र मे जीवन अस्त व्यस्त हो गया। है। शनिवार सुबह से की काले बाद लो के साथ बारिश शुरू हो गई थी।रूक-रूक कर हो रही है बारिश के कारण चौक चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। कई लोगों का कहना था कि मार्च के महीने मे ऐसी बारिश पहले कभी नही देखा था। दूसरी ओ पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों का फसल बर्बाद हो चुका है, जो फसल बचा हुआ है बाजार मे उसका भी मूल्य नही मिल रहा है।यही कारण है कि किसान अपने सब्जियों को बाजार मे फेंक कर चले जा रहे है। सबसे बुरी स्थिति मटर व गोभी की है। बाजार मे 2 किलो साईज का फूलगोभी एक से दो रुपए पीस बिक रहा है, लेकिन उसके भी खरीदार नही मिल रहे है। यहीं हाल मटर का भी है। मार्च मे मानसुन जैसी बारिश होने से आलु, मटर, गोभी, चना, टमाटर व गेहूं की फसल बर्बाद हो चुकी है। पहले से कुहासा के कारण आलु का फसल बर्बाद हुआ था, रही सही कसर इस बेमौसम बारिश ने पुरी कर दी। अभी तो बाजार मे सब्जियों के दाम काफी कम है लेकिन यही हाल रहा तो आने वाले दिनो मे सब्जी काफी महंगी हो सकती है, क्योंकि किसानों का सब्जी का सारा फसल बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ जा रहा है।
खेतों से बारिश के जल की निकासी करता किसान।