पीड़िता की बेटी बोली मां के साथ मारपीट व अमानवीय कृत्य करने वालों के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई, परिवार को खतरा

Hamirpur News - सरकाघाट के समाहल गांव में एक 80 साल की बुजुर्ग महिला को डायन बताने और मुंह पर कालिख पोतने व जूतों की माला डालकर गांव...

Nov 11, 2019, 07:21 AM IST
सरकाघाट के समाहल गांव में एक 80 साल की बुजुर्ग महिला को डायन बताने और मुंह पर कालिख पोतने व जूतों की माला डालकर गांव में घुमाने के मामले में राजदेई परिजनों सहित सामने आई है। घटना के बाद मानसिक तनाव से जूझ रही पीड़िता की छोटी बेटी तृप्ता रुंधे गले से कहती है कि उसके पिता विधि चंद भारतीय सेना के 14 डोगरा रेजीमेंट में बतौर हवलदार रैंक पर तैनात थे। 1971 के युद्ध में भाग ले चुके हैं। 37 साल की आयु में उनकी मृत्यु हो गई थी। हमीरपुर में मीडिया से रु-ब-रु होते हुए उन्होंने कहा कि आरोपियों पर हो कड़ी कार्रवाई की जाए। उनके परिवार को खतरा है।

तृप्ता ने कहा कि वह दो बहनें हैं और पढ़ी-लिखी हैं। वह स्वयं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को आगंनबाडी केंद्र में बतौर वर्कर लोगों तक रोशनी फैला रही हैं। लेकिन इस मामले ने उन्हें भीतर तक झंकझोर कर रख दिया है। उनकी मां के साथ मारपीट करने व अमानवीय कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अक्टूबर महीने की 23 तारीख को भी सूचना दी गई थी, क्योंकि मां पर पहले भी हमले हो चुके हैं। 6 नवबंर को इस घटना को अंजाम दे दिया गया। जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई में देरी हो रही है। मां घर में अकेली रहती है। उनका भाई नहीं है। हम दो बहनों की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद उन्हें परिजनों की चिंता सता रही है। बीते दिन देर शाम को यहां सरकाघाट पुलिस ने हमीरपुर पहुंच कर उनके बयान लिए हैं।

पीडित बुजुर्ग, बेटी तृप्ता और समाजसेवी संजय शर्मा।

संजय बाेले, क्यों मूकदर्शक बनी रही पुलिस...कांगड़ा जिला से यहां पहुंचे समाजसेवी संजय शर्मा भाऊ ने पीड़ित परिवार के पक्ष में उतरते हुए कहा कि तीन दिन पहले जब इस अमानवीय घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई थी, तो पुलिस क्यों मूकदर्शक बनी रही। पुलिस बताए कि जो लोग देवता के नाम पर पिछले दो महीने से उत्पीड़न कर रहे थे। उनके खिलाफ पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं। यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो विरोध को लेकर कड़े कदम उठाए जाएंगे। देवरथ को कौन घुमा रहा है, इस मामले की भी जांच होनी चाहिए। देवता के नाम पर जबरन बुजुर्ग महिला को जलील किया गया। इस मामले में प्रोटेक्शन ऑफ विच प्रैक्टिसिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है या नहीं। सोशल मीडिया पर महिला से मारपीट करने और उन्हें जलील करने की वीडियो वायरल होती रही, लेकिन पुलिस सुबूत ढूंढती रही। मामला दर्ज करने में इतना समय क्यों लगा? इस मामले पर राज्य महिला आयोग भी क्याें चुप्पी साधे हुए है।

पीड़ित परिवार से मिले सरकाघाट के विधायक...सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने रविवार को हमीरपुर पहुंच कर पीड़ित बुजूर्ग महिला से मिले और परिवार को आश्वासन दिया कि इस परिवार को इंसाफ मिलेगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई कर उसे सजा मिलेगी। विधायक ने कहा कि सुबह ही इस मामले को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से भी बात हुई है। उन्होंने भी कड़ा संज्ञान लेते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का शीघ्र जांच कर कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने पीड़ित बुजुर्ग महिला के अलावा बेटी से भी बात की। उनका कहना है कि मध्यकालीन जमाने में ऐसा होता था। इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। आयोग सोमवार को हमीरपुर पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिलेगा।

महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करने वालों के खिलाफ सामाजिक संगठन उतरेंगे सड़कों पर

भास्कर न्यूज | मंडी

सरकाघाट की गाहर पंचायत के समाहल गांव में बुजुर्ग महिला के साथ हुए दुर्व्यवहार व मारपीट की घटना पर विभिन्न संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। संगठनों के पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस पूरे प्रकरण के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति आज सड़क पर उतर कर धरना प्रदर्शन करेगी।

संगठन का कहना है कि बुजुर्ग महिला पर बीते करीब तीन माह से अत्याचार होता रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस द्वारा धर्म आस्था के नाम पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। अगर पुलिस ने पहली शिकायत पर ही शिकंजा कसा होता तो इस तरह का कृत्य करने के लिए आरोपी कभी हिम्मत नहीं जुटा पाते।

समिति की जिला सचिव प्रोमिला ने कहा कि समाज में अंधविश्वास, रूढ़िवाद व पाखंड अभी भी एक जटिल समस्या के रूप में बरकरार है। यह एक गंभीर चुनौती है व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। इस घटनाक्रम से प्रदेश व सरकाघाट को पूरे देश में शर्मसार होना पड़ा है। महिला समिति सोमवार को किसान सभा व छात्रों के साथ मिलकर इस घटनाक्रम को लेकर सड़कों पर उतरेगी।

किसान सभा के सचिव मुनीष शर्मा ने कहा कि एक बुजुर्ग विधवा महिला को इस तरह से प्रताड़ित करना अति निंदनीय है। बुजुर्ग महिला के साथ पहले से हुई मारपीट के घटनाक्रमों व महिला की जमीन से सम्बंधित शिकायतों की तह से जांच होनी चाहिए। सरकारों व प्रशासन को लोगों में जागरूकता लाने व विज्ञान का प्रसार प्रसार करने के विशेष अभियान चलाने की जरूरत हैै।

हिमालयन विकलांग कल्याण संस्था की प्रधान हेमलता पठानिया ने भी इस कृत्य को अमानवीय करार देते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेलने की मांग की है।

कांग्रेस बोली देवभूमि बदनाम हुई...जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है कि कुछ असभ्य लोगों की करतूत से देवभूमि का नाम बदनाम हुआ है। इस घटना के संदर्भ में कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर तीन दिन बाद एफआईआर क्यों दर्ज की गई। शिकायत पत्र क्यों व किसके द्वारा फाड़ा गया। अगर इस घटना का विडियो सोशल मीडिया में वायरल नहीं होता तो शायद पुलिस कुछ भी नहीं करती जबकि इस घटना का पुलिस को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए था। दोषी सिर्फ घटना को अंजाम देने वाले ही नहीं है बल्कि घटना के बाद उसका संज्ञान लेने के बजाए आंखे मूंदने वाले भी दोषियों की कतार में हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।

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