• Hindi News
  • Rajya
  • Jharkhand
  • Ranchi
  • News
  • Ranchi News the effect of falling groundwater level 80 of people of jharkhand are drinking with water more than standard arsenic iron fluoride cancer risk

भूजल स्तर गिरने का असर... झारखंड के 80% लोग हर रोज पानी के साथ पी रहे मानक से ज्यादा आर्सेनिक, आयरन, फ्लोराइड; इससे कैंसर का खतरा

News - सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड और भूगर्भ जल निदेशालय के अनुसार भूजल स्तर गिरने से पानी में खतरनाक रसायन बढ़ते जा रहे...

Feb 15, 2020, 08:01 AM IST

सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड और भूगर्भ जल निदेशालय के अनुसार भूजल स्तर गिरने से पानी में खतरनाक रसायन बढ़ते जा रहे हैं। अतिदोहन के कारण भूगर्भ जल प्रदूषित हो रहा है। इसके कारण झारखंड की 80 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन पानी में मौजूद मानक से ज्यादा फ्लोराइड, आर्सेनिक, आयरन, कॉपर, जिंक व मैग्नीशियमयुक्त पानी का सेवन कर रही है।

भूगर्भ जल निदेशालय ने झारखंड के विभिन्न जिलों के कई प्रखंडों में मानसून के पहले और मानसून के बाद भूगर्भ जलस्रोतों की जांच की। इसमें साहेबगंज, दुमका, धनबाद के विभिन्न प्रखंडों जैसे- मेदिनीनगर, चैनपुर, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, गढ़वा, सिमडेगा में फ्लोराइड व आर्सेनिक की मात्रा पानी में अधिकतम मिली। वहीं, राजधानी रांची में आयरन अत्यधिक मिला। शहर के बीचोंबीच पत्थलकुदवा में ग्राउंड वाटर में फ्लोराइड व आर्सेनिक का मिलना चिंताजनक है। राज्य सरकार ने भी माना है कि झारखंड के 121 टोले आर्सेनिक और 699 टोले फ्लोराइड से प्रभावित हैं।

गुमला में सबसे ज्यादा भू-गर्भ जल, कोडरमा में सबसे कम...

केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में 5.99 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध है।

राज्य में आठ गुना ज्यादा तक आयरन

मानक-3 एमजी/ लीटर, इससे ज्यादा होने पर जल दूषित

किस रसायन से कौन बीमारी

फ्लोराइड

दंत क्षरण, अकड़न, कैंसर

आयरन

अमाशय संबंधी रोग, गैस्ट्रिक, कैंसर

आर्सेनिक

त्वचा रोग, कैंसर

नाइट्रेट

नवजात में ब्लू बेबी रोग

क्लोराइड : सोडियम से मिलकर उच्च रक्तचाप

सोडियम : हृदय, गुर्दा व रक्त परिसंचरण में परेशानी

सीसा: बच्चों के शारीरिक-मानसिक विकास में बाधा, वयस्क में गुर्दा रोग

क्योंकि...

सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड-भूगर्भ निदेशालय की रिपोर्ट: झारखंड में डे जीरो होने से पहले पहुंच जाएंगी प्रदूषित जल से होने वालीं गंभीर बीमारियां...


रांची के पत्थलकुदवा में 60 गुना ज्यादा आर्सेनिक

डब्ल्यूएचओ ने पीने के पानी में आर्सेनिक की प्रति लीटर मात्रा 0.01 मिग्रा तय की है, जबकि भारत सरकार ने 0.05 मिग्रा रखा है। जबकि रांची के पत्थलकुदुआ में आर्सेनिक की मात्रा 2 से 3 मिग्रा प्रतिलीटर मिली।

1. भूगर्भ जल के ज्यादा दोहन से प्रदूषित हो रहा पानी2. लगातार गिरते जलस्तर से पानी में बढ़ रहे खतरनाक रसायन

5 गुना ज्यादा तक फ्लोराइड


फ्लोराइड-आर्सेनिक खतरनाक स्तर के पार

विशेषज्ञों का कहना है कि पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक समेत अन्य रसायनों की मात्रा खतरनाक स्तर को भी पार कर चुकी है। पानी में बढ़े इन रसायनों से हड्डी व मांसपेशियों के साथ-साथ स्नायुतंत्र को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसपर नियंत्रण नहीं हुआ, तो भविष्य में हालात बेकाबू हो जाएंगे।

कल के लिए आज खोलिए पानीपथ

भास्कर मुहिम

12 जिलों के पानी में घुला मीठा जहर : झारखंड में अच्छी बारिश भी होती है, लेकिन हमेशा गर्मी में पेयजल संकट गहरा जाता है। जल प्रबंधन के घोर अभाव के कारण पानी की किल्लत से लोगों को जूझना पड़ता है। केंद्रीय भूगर्भ जल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 12 जिलों के कुछ प्रखंड के पानी में फ्लोराइड है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

जिला भूगर्भ जल
गुमला 47368
गिरिडीह 42332
रांची 40314
हजारीबाग 34225
पलामू 33134
चतरा 30384
दुमका 30154
पूर्वी सिंहभूम 29583
सिमडेगा 29324
कोडरमा 8936

भूगर्भ जल हेक्टेयर मीटर में

1.5

7.66

5.25

2.42

2.17

2.14

मानक

मोहनाहार, गढ़वा

जी टोला, प्रतापपुर

प्रतापपुर, चतरा

सनकारपुर, चतरा

चास, बोकारो

फ्लोराइड का मानक भूजल में 1.5 एमजी/ लीटर


कोलेबिरा, सिमडेगा 19.77


चास, बोकारो 21.31


ठेठईटांगर सिमडेगा 8.06

तलगरिया बोकारो 14.23


बनधीजिया गढ़वा

25.20

मानक 3 एमजी

X

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना