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भरी सभा में भीम क्यों जला देना चाहते थे युधिष्ठिर के दोनों हाथ?

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2018, 05:00 PM IST

महाभारत में एक प्रसंग ऐसा भी आता है जब भीम युधिष्ठिर पर बहुत गुस्सा हो जाते हैं और सहदेव से अग्नि लाने को कहते हैं।

The interesting fact of Mahabharata, Mahabharata, Bhima, Yudhishtir
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रिलिजन डेस्क। महाभारत के प्रमुख पात्र भीम, अर्जुन, नकुल व सहदेव अपने बड़े भाई युधिष्ठिर का बहुत आदर करते थे। युधिष्ठिर जो आज्ञा देते, उनके भाई उसे किसी भी तरह पूरी करते थे। महाभारत में सभा पर्व में एक प्रसंग ऐसा भी आता है जब भीम युधिष्ठिर पर बहुत गुस्सा हो जाते हैं और सहदेव से अग्नि लाने को कहते हैं, जिससे वे युधिष्ठिर के दोनों हाथ जला सकें।


ये है पूरा प्रसंग...
- जब युधिष्ठिर जुए में द्रौपदी को हार गए तो भरी सभा में द्रौपदी का अपमान किया गया। यह देखकर भीम को बहुत गुस्सा आया।
तब भीम युधिष्ठिर से कहते हैं कि - आपने जुए में जो धन हारा है, उससे मुझे क्रोध नहीं है, लेकिन द्रौपदी को आपने जो दांव पर लगाया है, यह बहुत ही गलत है। द्रौपदी अपमान करने के योग्य नहीं है, लेकिन आपके कारण ये दुष्ट कौरव उसे कष्ट दे रहे हैं और भरी सभा में अपमानित कर रहे हैं। द्रौपदी की इस दशा का कारण आप हैं। इसलिए मैं आपके दोनों हाथ जला डालूंगा।
- इतना कहने के बाद भीम सहदेव को आग लाने को कहते हैं। भीम की ये बात सुनकर अर्जुन उन्हें समझाते हैं कि और कहते हैं कि युधिष्ठिर ने क्षत्रिय धर्म के अनुसार ही जुआ खेला है। इसमें इनका दोष नहीं है।
- अर्जुन की बात सुनकर भीम का क्रोध शांत हो गया और वे बोले कि ये बात मैं भी जानता हूं नहीं तो मैं बलपूर्वक इनके दोनों हाथ अग्नि में जला डालता।

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