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- Panchkula News The Police And Duty Magistrate Reached The Contract To Drop The Contract But The Sdo Kept Making Excuses
ठेका गिराने पुलिस और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तो पहुंचे पर एसडीओ बहाना बनाते रहे
}मिलीभगत हो सकता है कारण...
एक्साइज विभाग की ओर से 12 मार्च को शराब के ठेकों को लेकर ड्रॉ निकाला जाएगा। ऐसे में पुराने शराब के ठेकेदारों का काम 31 मार्च तक ही चलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो डिमॉलिशन ड्राइव नहीं चलाने पर फायदा सीधे-सीधे शराब के ठेकेदार को पहुंचेगा। वह कोर्ट में जाकर किसी न किसी बहाने स्टे लेकर आ जाएगा और उसे 31 मार्च तक काम करने का मौका मिल जाएगा।
इसे एचएसवीपी की लापरवाही कहें या मिलीभगत कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एचएसवीपी ने हाईवे किनारे सेक्टर 27/28 डिवाइडिंग रोड पर स्थित शराब के ठेके को नहीं तोड़ा। वीरवार शराब के ठेके के बाहर पुलिस फोर्स व ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे, लेकिन एचएसवीपी के अधिकारी जिन्हें शराब का ठेका तोड़ना था वह मौजूद नहीं दिखे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने बार-बार एचएसवीपी के एसडीओ कुलदीप सिंह को फोन कर मौके पर बुलाने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस फोर्स मौके पर नहीं होने का बहाना बनाया। यहां तक कि जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों ने एसडीओ कुलदीप को मौके पर जाकर शराब के ठेके को तोड़ने को कहा, लेकिन उनकी एसडीओ ने एक नहीं सुनी। डीसी मुकेश आहूजा ने डिमॉलिशन ड्राइव के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट 11 मार्च को नियुक्त किया था और डीसीपी से 20 पुलिस फोर्स ड्राइव के लिए देने को कहा गया था। डीसी के जारी आदेश में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए शराब के ठेके को तोड़ने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। दरअसल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एनएच-73 हाईवे के साथ लगने वाले शराब के
ठेकों को हटाने का आदेश दिया था। मामले में एसडीओ से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।
 एचएसवीपी ने डीसीपी से पुलिस फोर्स मांगी थी और सुबह से ही हम पहुंच गए थे। एचएसवीपी के अधिकारी एक बार भी मौके पर नहीं आए। अधिकारियों के नहीं आने के बाद पुलिस फोर्स वापस चली गई। -राम मेहर, चौकी इंचार्ज रामगढ़
एसडीओ कुलदीप और जेई को कई बार फोन किया और उन्हें शराब के ठेके को डिमॉलिशन करने के लिए मौके पर जाने को कहा। बावजूद इसके एचएसवीपी के एसडीओ या फिर जेई जिनकी ड्यूटी लगी थी वे मौके पर नहीं आए। -सुनील जाखड़, ड्यूटी मजिस्ट्रेट
हाईवे किनारे से ठेका हटाने के आदेश हैं