92 लोगों को लेकर उड़ा था भुतहा विमान अचानक हो गया था गायब, 35 साल बाद अचानक जमीन पर आया, अंदर भरे थे कंकाल

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

(ये कहानी 'कॉन्ट्रोवर्शियल क्लेम 'सीरीज के तहत है। दुनियाभर में समय-समय पर ऐसे कई विवादित दावे किए गए हैं , जिससे वह मीडिया की सुर्खियां बने हैं।)

जर्मनी. जर्मनी में 92 लोगों को लेकर उड़ा एक विमान गायब हो जाता है और 35 साल बाद अचानक ब्राजील की जमीन पर उतरता है। दुनियाभर के अखबार इस खबर को छापते हैं, लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर 35 सालों से ये विमान कहां था? टाइम ट्रैवल पर यकीन करने वाले तो ये तक दावा कर देते हैं कि ये विमान समय के परे चला गया था, इस दौरान धरती पर 35 साल गुजर गए। लेकिन ये खबर सरासर गलत है। आज हम आपको बता रहे हैं भुतहा कही जाने वाली सेंटिगो की फ्लाइट 513 की कहानी। यहां से शुरू हुई कहानी...

- दरअसल, 14 नवंबर 1989 को जर्मनी के एक नामी अखबार के रिपोर्टर ने खबर छापी कि ब्राजील में 1950 का एक विमान लैंड हुआ है, जिसमें 92 लोगों के कंकाल हैं। आगे दावा किया गया कि ये वही विमान है जो अचानक गायब हुआ है।

- खबर में बताया गया कि विमान ने 35 साल पहले ऐचन, फ्रांस से उड़ान भरी थी और लापता हो गया था। इस विमान में 88 यात्री और 4 क्रू मेंबर सवार थे। उड़ान के कुछ देर बाद विमान का अटलांटिक ओशन के ऊपर संपर्क टूट गया था।

जब अचानक लैंड हुआ विमान

- अखबार की खबर के मुताबिक, विमान ने उतरने से पहले ना ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से इजाजत मांगी गई और ना ही एटीसी को विमान की लैंडिंग का पता लगा। इसके बाद संदेह की वजह से एयरपोर्ट सिक्युरिटी टीम विमान तक पहुंची।

विमान के अंदर भरे थे कंकाल

- जब सिक्युरटी टीम विमान के अंदर पहुंची तो सभी कांप गए। पूरे विमान के अंदर कंकाल भरे हुए थे। हर कंकाल अपनी सीट पर था। यहां तक विमान के कप्तान मिगुल विक्टर क्यूरी का कंकाल पायलेट कंट्रोल्स को पकड़े हुआ था और विमान का इंजन चालू था। दहशत में सिक्युरिटी स्टाफ विमान से उतर गया और ब्राजील सरकार को इसकी जानकारी दी।

क्या है इस कहानी का सच

- आपको बता दें कि जर्मनी के अखबार में छपी ये खबर सरासर गलत है। ये फर्जी खबर ईरविन फिशर नाम के रिपोर्टर ने छापी थी। इस फर्जी खबर की बिना जांच किए उस दौर में दुनिया के कई अखबारों ने छापा, जिसने लोगों के बीच डिबेट को जन्म दे दिया। कुछ लोग इस विमान को भुतहा कहने लगे, तो कुछ ने कहा कि ये टाइम ट्रैवल के जरिए संभव है। टाइम ट्रैवल को मानने वालों ने ये तक कह दिया कि विमान समय के भंवर में फंस गया था। जबकि सच तो ये है कि ऐसा कोई विमान ही नहीं था।

खबरें और भी हैं...