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कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाते हैं ये 5 फल, बढ़ता मोटापा और हृदय रोगों का कम होता है खतरा

कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने के लिए सीमित मात्रा में वसा का सेवन करना चाहिए।

Danik Bhaskar | Jul 05, 2018, 02:01 PM IST

हेल्थ डेस्क. कोलेस्ट्रॉल एक वसायुक्त तत्व है जिसका निर्माण लीवर करता है। भाेजन के साथ हम जो वसा लेते हैं उसका परिवर्तन कर शरीर कोलेस्ट्रॉल निर्माण करता है। कोलेस्ट्रॉल शरीर में कोशिकाओं को स्वस्थ और ठीक रखने का काम करता है लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाएं तो कई समस्याएं जैसे वजन बढ़ना, हृदय रोग होने लगती हैं। कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने के लिए सीमित मात्रा में वसा का सेवन करना चाहिए। ऐसे कई फल हैं जिनके सेवन से आप अपने शरीर का बैड कोलेस्ट्रॉल आसानी से घटा सकते हैं।

नाशपाती
नाशपाती में पानी में घुलनशील पैक्टिन फाइबर होता है जो सेल्यूलोज के स्तर को नियंत्रित करता है। स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी बहुत से पोषक तत्व नाशपाती में पाए जाते हैं। प्राकृतिक विटामिन, मिनरल और एंजाइम के साथ ही इसमें ऐसे एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता रखते हैं।

सेब
सेहत का खजाना कहे जाने वाले सेब में प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका नियमित सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल घटता है और ब्लड प्रेशर भी सामान्य बना रहता है। सेब में पेक्टिन के घुलनशील रेशे होते हैं, जो रक्त में कोलेस्ट्राल का स्तर घटाते हैं और शरीर के लिए एंटी-बैक्टीरिल फूड की भूमिका निभाते हैं।
नींबू
खट्टे फलों में ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को तेज करके कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होते हैं। नींबू में मौजूद घुलनशील फाइबर खाने की थैली से बैड कोलेस्ट्रॉल को रक्त प्रवाह में जाने से रोक देते हैं। इसमें पाया जाने वाला विटामिन—सी रक्तवाहिका नलियों की सफाई करता है और इस तरह बैड कोलेस्ट्रॉल पाचन तंत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है।
पपीता
पपीता खाना दिल के राेगियों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं,जो शरीर में मौजूद रक्त-शिराओं में कोलेस्ट्रॉल के थक्कों को बनने नहीं देता। कोलेस्ट्रॉल के थक्के दिल का दौरा पड़ने और उच्च रक्तचाप समेत कई अन्य ह्रदय रोगों का कारण बन सकते हैं।

टमाटर
इसे खाने से हार्ट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। ये रक्तवाहिनियों में थक्का जमने से रोकता है। खून का थक्का रक्त के बहाव में रुकावट पैदा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा पैदा होता है। टमाटर के बीजों का रस इन बीमारियों की रोकथाम में ज्यादा कारगर साबित होता है।