सदन में इन विधायकों ने भी रखी बात, उठाए सवाल
डीबीसी के चेयरमैन को सम्मन देकर बुलाएं और इस समस्या का हल खोजें : राजेंद्र सिंह
विधानसभा में डीवीसी की ओर से आठ जिलों में बिजली कटौती का मामला उठा। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि डीबीसी के चेयरमैन को सम्मन देकर बुलाएं और समस्या का हल खोजें। भाजपा विधायक किशुन दास ने सरकार से बिजली संकट दूर करने की मांग की। उन्होंने बजट में चतरा से एक भी सड़क योजना नहीं लेने पर अफसोस जताया। कहा कि ईटखोरी प्रखंड में 11 किमी की दूरी एक से डेढ़ घंटे में तय करनी पड़ रही है। सरकार इस पर ध्यान दे।
विधायक निधि 4 करोड़ से बढ़ा कर 10 करोड़ करे सरकार : उमाशंकर अकेला
कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि विधायकों का विधायकों का फंड बढ़ना चाहिए। इसे 4 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ प्रतिवर्ष किया जाना चाहिए। जमीन नहीं होने से गरीब आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए सरकार सर्वे करा कर ऐसे लोगों को जमीन दे। उनके क्षेत्र में 56 गांव के लोग विस्थापित हुए हैं। उन्हें सरकार जमीन दे। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़कें बदहाल हैं, जिनका निर्माण होना चाहिए।
अपर्णा सेन ने की आपत्ति, प्रदीप ने वापस ली महिला विरोधी टिप्पणी
विधायक प्रदीप यादव की एक टिप्पणी पर अपर्णा सेनगुप्ता ने विरोध किया। फलत: उसे सदन की कार्यवाही से निकालने का आदेश विधानसभा अध्यक्ष ने दिया। बाद में प्रदीप यादव ने भी उसे वापस ले लिया। प्रदीप ने कहा कि जितनी राशि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से खर्च की जाती है, उसका आउटकम दिखाई नहीं देता है।
पांकी में दो निर्माण एजेंसियां मचा रही हैं लूट, जल्द जांच हो : शशिभूषण मेहता
भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता ने आरोप लगाया कि पांकी में दो सड़क निर्माण एजेंसियां लूट मचाई हुई हैं। इनके कार्यों की जांच होनी चाहिए। मेसर्स सिलदिलिया कंस्ट्रक्शन और मेसर्स अनूप जायसवाल कंस्ट्रक्शन की ओर से पूर्व में स्वीकृत योजनाओं को सरकार की अनुमति के बगैर जैसे-तैसे पूरा किया जा रहा है। खराब गुणवत्ता की सड़कें बनाई जा रही हैं। पांकी में इन दोनों एजेंसियों ने मिलकर लगभग 500 करोड़ की गड़बड़ी की है।
उमाशंकर और लोबिन हेंब्रम की बातों पर भाजपा ने किया हंगामा
सत्ता पक्ष के विधायक उमाशंकर अकेला और लोबिन हेंब्रम की बातों पर भाजपा ने हंगामा किया। उमाशंकर अकेला ने कहा कि भाजपा केवल हिंदू- मुसलमान की बातें करती है। जबकि लोबिन ने कहा कि रघुवर दास कहा करते थे कि आदिवासियों की बातें सुन-सुनकर उनके कान पक गए। इसके बाद भाजपा सदस्यों ने काफी हंगामा किया। भाजपा के अनंत ओझा, रणधीर सिंह, अमर बाउरी, किशुन दास, अमित मंडल आदि ने इसका विरोध किया। भाजपा विधायकों ने कहा कि विधायक तथ्यहीन बातें कर रहे हैं।
जिन योजनाओं पर चर्चा हुई, उसके लिए बजट में राशि नहीं : भानु
रांची | कटौती प्रस्ताव के पक्ष में भानु प्रताप शाही ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस के घोषणा पत्र और पेश किए बजट में कोई तालमेल नहीं है। जिन योजनाओं की चर्चा घोषणा पत्र में की गई है, उसके लिए बजट में कोई राशि ही नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से मनरेगा मजदूरों का भुगतान बंद है। सरकार ने आते ही ट्रेजरी बंद कर दिया, जबकि आपात काल के दिनों में भी ऐसी स्थिति नहीं आई थी।