पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंचंडीगढ़. मंदिरों में चोरी करने वाले आखिरकार चंडीगढ़ पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से पकड़ ही लिए। सकेतड़ी समेत कई मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को सेक्टर-26 थाना पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। तीन की तलाश जारी है। आरोपियों से से सेक्टर-27 सनातन धर्म मंदिर से चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया गया है। चोरों ने अन्य कई वारदातें कबूली हैं, लेकिन सामान रिकवर करना है। पकड़े गए आरोपियों में उत्तराखंड में डिस्ट्रिक्ट उदाम सिंह नगर में पड़ते गांव गोथा का रेशम सिंह उर्फ रिंकू, मेरठ के गांव लतीफपुर का 30 साल का हरजीत उर्फ जीत और मनबीर सिंह उर्फ डिंपल है।
दिल्ली से एक दिन पहले आते थे, रैकी कर करते थे चोरी
आरोपी दिल्ली से एकसाथ चोरी करने के लिए चंडीगढ़ आते थे। चंडीगढ़ के आसपास होटल में रुकते और चोरी से एक दिन पहले अकेले-अकेले जाकर मंदिर में रैकी करते। चोरी करने के बाद बस में बैठकर दिल्ली पहुंच जाते। वहां जाकर सामान को एक जगह रख देते थे। एक आरोपी रेशम सिंह मलेशिया रिटर्न है। वह वहां पर एक मॉल में कैशियर का काम करता था। बाकी दोनों आरोपी शादीशुदा हैं। सभी दिल्ली में किराए के मकान में रहते थे। बेहतर जीवन जीने के लिए चोरी का रास्ता अपनाया।
रैकी कर रहे थे तभी हुई पहचान
पुलिस चोरी हुए सभी मंदिरों के कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान आरोपियों की कुछ तस्वीरें पुलिस को मिल गई थी। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान की और फिर दिल्ली पुलिस के साथ इनकी इन्फॉर्मेशन शेयर की। इसके बाद ही आरोपी पकड़े गए। पुलिस को आरोपियों के तीन अन्य साथियों की तलाश है। इनमें से एक आरोपी चंडीगढ़ का रहने वाला है। बाकी के सभी अलग-अलग जगह से हैं। यह सभी एक-दूसरे को कैसे जानते हैं, इसकी पुलिस जांच कर रही है।
शहर का ऑटो वाला था चोरी का मास्टरमाइंड...
जांच में सामने आया है कि चंडीगढ़ का रहने वाला ऑटो चालक इस गिरोह का मास्टरमाइंड रहा है। उसी ने आरोपियों को मंदिरों की चोरी का आइडिया दिया। सारी रैकी वही करवाता रहा। वही ऑटो से आरोपियों को लाता था और फिर चोरी के बाद ले जाता। वहीं, एक आरोपी हरजीत पहले एटीएम चोरी केस में गिरफ्तार हो चुका है और करीब तीन साल जेल में रहा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी के सामान को उत्तराखंड में बेचते थे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.