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राइफल शूटिंग सीखना चाहता था ये बच्चा, सुविधा नहीं थी तो शुरू की तीरंदाजी, अब एक साल में जीते 15 मेडल

3 वर्ष पहले
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 श्रीगंगानगर(जयपुर). मन में अगर लगन हो तो राह में किसी तरह की मुश्किल बाधा नहीं बन सकती है। यह बात शहर के होनहार 14 वर्षीय सूर्यदेव सिंह सरां ने सिद्ध कर दी है। किसान परिवार बेटे सूर्यदेव ने देश के लिए कुछ करने की चाहत में राइफल शूटिंग को अपना लक्ष्य बनाया था। लेकिन शहर में रायफल शूटिंग की कोई व्यवस्था न होने के कारण उसने अपना रुख तीरंदाजी की ओर केंद्रित कर लिया। इस कला में वह इतना निपुण हुआ कि एक ही साल में कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जिले के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया।

 

- स्पैंगल पब्लिक स्कूल के आठवीं के छात्र सूर्यदेव ने हाल ही में अजमेर में हुई 5वीं पृथ्वीराज चौहान तीरंदाजी प्रतियोगिता में अपने आयु वर्ग में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

- कोच अजय सिंह चौहान ने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर से 300 खिलाड़ी शामिल हुए थे। 

 

15 मेडलों में 6 गोल्ड, 2 सिल्वर व अन्य ब्रॉन्ज जीते:

 

- सूर्यदेव ने पिछले एक साल में एक दर्जन से ज्यादा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर 15 से ज्यादा मेडल हासिल किए हैं।

- स्पैंगल स्कूल के प्रबंधक नितिन अग्रवाल ने बताया कि इसमें 6 गोल्ड मेडल, 2 सिल्वर मेडल और बाकी ब्राॅन्ज मेडल शामिल हैं।

- राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अव्वल आने के बाद सूर्यदेव का चयन अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है।

- अब वह जुलाई में बैंकाक में होने वाली प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। 

 

ओलिंपिक में जीतना चाहता है गोल्ड 


- सूर्यदेव ने बताया कि उसके पिता दलवीर सिंह सरां किसान और माता नरेंद्र जीत कौर गृहिणी हैं।

- घर में इस खेल से जुड़ा कोई माहौल नहीं था। राइफल शूटिंग सिखाने के लिए शहर में जब कोई कोच नहीं मिला तो पिता ने उसे तीरंदाजी के लिए प्रेरित किया।

- अब वह पूरी तरह से इस खेल में निपुणता हासिल करके ओलिंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करना चाहता है।