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डाउनलोड करेंटीकमगढ़ (एमपी)। टीकमगढ़ से 12 किलोमीटर दूर तिंदारी गांव में आसाराम लोगों की प्यास बुझाने का काम कर रहे हैं। 1500 लोगों की आबादी वाले इस गांव में पिछले तीन साल से सूखा पड़ रहा है। लोग पानी को परेशान थे। गांव में सिर्फ आसाराम यादव के ही बोर में पानी बचा था। गांव वालों की परेशानी देख आसाराम खुद आगे आए और पूरे गांव के लोगों को पानी देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं आसाराम बोर का बिल भी खुद ही भरते हैं।
- ग्रामीण अब आसाराम को गांव का मुखिया (माते) कहकर बुलाने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है सूखे गांव की प्यास बुझाने वाले मसीहा है आसाराम।
- वह बोर से सटक डालकर 24 घंटे लोगों को पानी देते हैं। इसके साथ ही तलैया में पानी छोड़कर पशुओं की प्यास बुझाने का काम भी कर रहे हैं।
- 1500 की आबादी वाले तिंदारी गांव में हैंडपंप और कुएं सूख गए थे। मात्र आसाराम यादव के बोर से पर्याप्त पानी निकल रहा था।
- आसाराम का बोर लगभग 12 साल पहले हुआ था। मात्र 95 फीट गहरा है और 70 फीट लाइन डली है। जिसके बाद भी सूखे के समय पर्याप्त पानी दे रहा है।
खुद के बोर से 1500 लोगों की प्यास बुझा रहे आसाराम, पशुओं के लिए भर देते हैं पूरी तलैया, बिजली के बिल का करते हैं खुद भुगतान, अब गांव वाले कहने लगे 'माते'
- सूखे के समय में भी बाेर से पानी मिलने से क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाकर सेवा करने में जुट गए हैं। आसाराम ने बताया कि तीन साल से लगातार अपनी जेब से बिजली का भुगतान कर रहे हैं।
- पंचायत से सिर्फ साटा प्रदान किया गया अौर बिजली बिल के लिए आश्वासन ही मिलता आ रहा है। सरपंच खाते में राशि डालने की बात करते है। कई बार खाता नंबर ले जाने के बाद भी बिजली बिल की राशि नहीं डाली गई।
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