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डाउनलोड करेंश्रीगंगानगर. सैनेटरी पैड पर बात करने को आज भी कई क्षेत्रों में गंदा व अपवित्र माना जाता है। यही नहीं टीवी पर इसका विज्ञापन चलता हो तो चैनल बदल दिया जाता है। इस परिवेश के बीच गांव 60 एलएनपी की सरपंच उर्मिला मेघवाल ने दमदार पहल की है। यह सरपंच घर-घर जाकर युवतियों-महिलाओं को सैनेटरी पैड बांट रही हैं। माहवारी के दौरान स्वच्छता के अभाव में संक्रमण का खतरा रहता है। ऐसे मामले इलाके में बढ़ रहे हैं। इसके चलते रिड़मलसर के अधीन आने वाले इस गांव की सरपंच ने हिचक छोड़ नई साेच के साथ काम शुरू किया है। पहले दिन सरपंच ने 15 से ज्यादा महिलाओं को पैड पहुंचाकर जनजागृति की मिसाल पेश की है।
सरपंच बताती हैं कि इलाके की गरीब और अशिक्षित महिलाएं माहवारी के मुद्दे पर पुरुषों के सामने कोई बात तक नहीं कर सकतीं। अब धीरे-धीरे सबकुछ बदलेगा। यही नहीं गांव की महिलाओं में जागरुकता लाई जा रही है। साथ ही इस मुद्दे पर महिलाओं व युवतियों को इकट्ठा करके भी जागरूक करेंगे।
हर माह बांटेंगे 3 से 4 हजार तक के सैनेटरी पैड
गांव में करीब 3 हजार से भी ज्यादा महिलाएं व युवतियां है। महिलाओं की सेहत के मद्देनजर उन्हें स्वच्छता का संदेश देने के लिए ग्राम पंचायत की तहत यह पहल की गई है। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए गांव में स्वयं के स्तर पर सर्वे कर स्थिति को जाना। इसमें पाया कि ज्यादातर महिलाएं सैनेटरी पैड खरीदने में आर्थिक रूप से असमर्थ हैं। महिला सरपंच के पति प्रहलाद मेघवाल के अनुसार अब हर माह 3 से 4 हजार रुपए के सैनेटरी पैड्स देने का निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत में अलग से तय करेंगे बजट
सरपंच ने बताया कि यह समाजहित से जुड़ा मुद्दा है। भविष्य में इसके लिए किसी को बीड़ा न उठाना पड़े, इसलिए ग्राम पंचायत में अलग से बजट तय कराने की व्यवस्था करेंगे। यदि ग्राम पंचायत में बजट होगा तो स्वयं ही सैनेटरी पैड बंटने का काम होता रहेगा।
नॉलेज: सरकारी अस्पताल में आने वाली महिला मरीजों में 20 फीसदी केस संक्रमण के
सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजाराम भादू के मुताबिक जिला अस्पताल में कुल मरीजों में 20 प्रतिशत महिलाएं बच्चेदानी में और यूरीन संक्रमण की परेशानी लेकर आती हैं। इसका प्रमुख कारण माहवारी के दौरान स्वच्छता का ध्यान नहीं रखना है। इन महिलाओं व युवतियों को स्वच्छता का ध्यान रखने और आधुनिक साधनों का उपयोग करने के लिए समझाइश की जानी जरूरी है। इससे ही बीमारियों में काफी कमी जा जाएगी। संक्रमण बाद में गंभीर बीमारी भी पनपा सकता है।
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