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डाउनलोड करेंरांची. जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर मनोज उरांव के तीन बच्चे 29 अप्रैल से लापता हैं। इस संबंध में मनोज ने नगड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। लेकिन, 18 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस बच्चों को ढूंढ नहीं पाई है। मंगलवार को मौसीबाड़ी के स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और 48 घंटे का समय देते हुए बच्चों को ढूंढने की मांग की है। स्थानीय लोगों और आलोक दुबे ने कहा कि अगर पुलिस बच्चों को नहीं खोज पाती है तो 17 मई को प्रोजेक्ट भवन के समक्ष मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा।
17 को सीएम के घेराव की चेतावनी : दिहाड़ी मजदूर हैं माता-पिता, 29 अप्रैल को दोनों काम से लौटे तो तीनों बच्चे गायब मिले
प्राथमिकी के अनुसार, 29 अप्रैल की सुबह मनोज अौर उनकी पत्नी तीन बच्चों को घर में छोड़ कर मजदूरी करने धुर्वा गए थे। दोपहर घर लौटे तो बच्चे घर में नहीं थे। लापता बच्चों में महिला (10), अंजलि (07) और कृष (05) शामिल हैं। मनोज और उनकी पत्नी सुमति उरांव पढ़े- लिखे नहीं हैं। इसलिए अपने बच्चों की गुमशुदगी का मामला नगड़ी थाना में दर्ज करा दिया। मनोज ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि बच्चों को ढूंढ़ने में पुलिस सुस्त है। अगर उनके बच्चों को कुछ होता है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।
पिता बोले-खोजने की गुहार लगाने पर डांटते हैं पुलिसकर्मी
बच्चों की गुमशुदगी को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को मौसीबाड़ी में बैठक की। बैठक में बच्चों के माता-पिता ने बताया कि जब भी वे पुलिस के पास अपने बच्चों को ढूंढ़ने की गुहार लगाते हैं, पुलिसकर्मी उन्हें डांट कर भगा देते हैं। 18 दिनों से वे ठीक से खाना नहीं खा पा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं बच्चों के साथ अनहोनी न हो जाए। मौके पर आलोक दुबे, अभिषेक, संजीत यादव, राजकुमार, ज्वाला, परमजीत, सोनी महली आदि मौजूद थे।
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