पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंनई दिल्ली. फोर्टिस हेल्थकेयर की ईजीएम से पहले इसके तीन बोर्ड डायरेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। 22 मई को शेयरधारकों की मीटिंग में फोर्टिस बोर्ड के स्वतंत्र निदेशक तेजिंदर सिंह शेरगिल, हरपाल सिंह, सबीना वैसोहा और ब्रायन टेम्पेस्ट के भविष्य का फैसला होना था लेकिन इनमें से तीन ने पहले ही पद छोड़ दिया है। तेजिंदर सिंह शेरगिल ने ईमेल के जरिए रविवार को इस्तीफा भेज दिया वहीं सोमवार को हरपाल सिंह और सबीना वैसोहा ने भी पद छोड़ दिया। फोर्टिस ने बीएसई फाइलिंग में इसकी जानकारी दी।
इस्तीफे की वजह क्या बताई ?
- हरपाल सिंह ने कहा कि, कंपनी के लिए अच्छे नतीजे देने के बावजूद शेयरधारक जिद पर अड़े हुए हैं। कंपनी के भविष्य के लिए ये खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने मुंजाल-बर्मन की बोली को बोर्ड की मंजूरी के फैसले का भी बचाव किया है।
- सबीना वैसोहा ने अपने इस्तीफे में लिखा कि, शेयरधारकों ने नए बोर्ड के गठन की इच्छा जताई है। मैं उनके फैसले का स्वागत करती हूं अपना इस्तीफा देते हुए मुझे खुशी होगी।
- तेजिंदर सिंह ने रविवार को अपने इस्तीफे की वजह निजी बताई। उन्होंने कहा कि, कोरम को पूरा करने के लिए मैं फोर्टिस हेल्थकेयर के बोर्ड में शामिल हुआ था, क्योंकि कई सदस्यों ने बोर्ड छोड़ दिया था। अब बोर्ड के पास पर्याप्त सदस्य हैं तो मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं।
शेयरधारकों ने चारों को हटाने की मांग उठाई थी
- जिन तीन डायरेक्ट ने इस्तीफा दिया है उनके साथ ही ब्रायन टेम्पेस्ट को हटाने के लिए शेयरधारकों ने मांग की थी। नेशनल वेस्टमिंस्टर बैंक और ज्यूपिटर इंडिया फंड ने पिछले हफ्ते ये मांग उठाई थी कि इन चारों को हटाया जाए और इसके लिए 22 मई को ईजीएम बुलाकर शेयरधारकों से वोटिंग करवाई जाए। इन दोनों की फोर्टिस हेल्थकेयर में 12.04% हिस्सेदारी है।
शेयरधारकों के हित में काम नहीं करने का आरोप
- इन चारों निदेशकों पर आरोप लगा कि ये शेयरधारकों के हित में काम नहीं कर रहे, खासकर फोर्टिस को बेचने की प्रक्रिया के मामले में ये सही तरीके से काम नहीं कर पाए। इसके साथ ही दोनों निवेशकों ने सुवालक्ष्मी चक्रवर्ती, रवि राजगोपाल और इंद्रजीत बनर्जी को बोर्ड डायरेक्टर बनाने की मांग की थी।
चारों डायरेक्टर ने दी थी सफाई
- इस महीने की शुरुआत में चारों निदेशकों ने शेयरधारकों को संयुक्त रूप से सफाई भेजकर खुद पर लगे आरोपों का खंडन किया था। चारों ने कहा कि उन्होंने ईमानदारी से शेयरधारकों के हितों का ख्याल रखा। साथ ही कहा कि मौजूदा समय में बोर्ड में बदलाव के फैसले से फोर्टिस प्रबंधन के लिए परेशानी और संशय की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने शेयरधारकों से सोच-समझकर फैसला लेने के लिए कहा था।
10 मई को बोर्ड मीटिंग में क्या हुआ?
फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड ने हीरो एंटरप्राइज इन्वेस्टमेंट ऑफिस और बर्मन फैमिली ऑफिस (डाबर) के प्रस्ताव को चुना। फोर्टिस के डायरेक्टर ब्रायन टेम्पेस्ट ने बताया कि फैसले पर सभी एक राय नहीं थे। 8 सदस्यीय बोर्ड के 5 मेंबर मुंजाल-बर्मन फैमिली के ऑफर से सहमत थे। जबकि तीन मेंबर किसी दूसरी पार्टी के सपोर्ट में थे। फैसला लेते वक्त कंपनी को सुचारू रूप से चलाने के लिए नकदी की उपलब्धता को ध्यान में रखा गया। इस प्रपोजल को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना जरूरी है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.