OMG

--Advertisement--

पीरियड्स में महिलाओं को बार-बार नहीं बदलने होंगे पैड्स, 'फ्रीडम कप' देगा आजादी

फ्रीडम कप मूल रूप से मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन का बना है। इसी वजह से ये 10 साल तक वैसा ही बना रहेगा।

Danik Bhaskar | Jun 19, 2018, 12:05 PM IST
  • सिंगापुर की तीन बहनों का आविष्कार
  • पीरियड्स की समस्या को आसान बनाने के लिए बनाए फ्रीडम कप
  • जो पैड नहीं खरीद सकते उनके लिए फायदेमंद

सिंगापुर. सिंगापुर की तीन बहनों ने पीरियड्स के दिनों के लिए एक अनोखी तकनीक ईजाद की है। इसका नाम है 'फ्रीडम कप'। फ्रीडम कप एक ऐसी डिवाइस है, जो खासकर उन महिलाओं के लिए बनाई गई है, जो आज भी सेनेटरी पैड से कोसों दूर हैं। बॉलीवुड फिल्म 'पैडमैन' की तरह इन लड़कियों ने महिलाओं की इस समस्या को सुलझाने का अनोखा प्रयास किया है। इतना ही नहीं ये डिवाइस आम महिलाओं के लिए भी है, जो अब महंगे पैड्स के खर्चे से बच सकेंगी। कैसे काम करना है 'फ्रीडम कप'?...

- घंटी के आकार के इस कप को गर्भाशय के निचले हिस्से में फिट किया जाता है। जहां पीरियड्स के दौरान ब्लड इस कप में जमा होता है।
- यह कप करीब 12 घंटे काम करता है। जहां सेनेटरी नैपकिन या पैड्स इस्तेमाल के बाद खराब हो जाते हैं। वहीं, ये कप साफ करके दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
- इन्हें बनाने वाली बहनों का मानना है कि ये वेस्टेज कम करने के साथ-साथ काफी किफायती भी होगा। खासकर उनके लिए जो हर बार महंगे पैड्स नहीं खरीद सकतीं।

10 साल तक वैसा ही रहेगा कप
- फ्रीडम कप मूल रूप से मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन का बना है। इसी वजह से ये 10 साल तक वैसा ही बना रहेगा। इसे साफ कर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। 10 सालों में ये 5000 सेनेटरी पैड के बराबर काम करेगा। इसकी कीमत 25 डॉलर (करीब 1700 रु) बताई जा रही है।

क्यों पड़ी बनाने की जरूरत
- इन बहनों को फ्रीडम कप बनाने का आइडिया तब आया, जब उन्होंने नेपाल में महिलाओं की खराब स्थिति देखी। नेपाल में लड़कियों को पीरियड्स में घर से बाहर अलग एक झोपड़ी में रहने को मजबूर किया जाता है। इसे चौपदी प्रथा कहते हैं। जब तक पीरियड्स खत्म नहीं होते, लड़कियां झोपड़ी से बाहर नहीं निकलती। एक तरह से उनका बहिष्कार कर दिया जाता है। इसके चलते कई बार उन्हें जंगली जानवरों, बीमारियों और रेप तक का शिकार होना पड़ा है।

- इसे बनाने वाली तीन बहनों में से एक वेनेसा पेरनजोती (29) कहती हैं, "पीरियड्स एक महिला की जिंदगी में कई तरह की परेशानी लाते हैं, पैसों की वेस्टेज के साथ-साथ स्कूल न जा पाना और महिलाओं की नौकरी में व्यवधान जैसी समस्याओं का हम आसान उपाय लाए हैं।" फ्रीडम कप बनाने में वेनेसा के साथ उनकी बहन जोआनी (26) और रेबिका (21) ने भी मदद की है।

फिलीपींस में हालात और भी बदतर
- फिलीपींस जैसे देश में इन दिनों महिलाओं की जिंदगी और भी ज्यादा मुश्किल हो जाती है। यहां खेती-किसानी करने वाली महिलाएं पीरियड्स की वजह से एक हफ्ते के लिए दुनिया से दूर हो जाती हैं। एक हफ्ते उन्हें काम बंद करना पड़ता है। आज भी उनके पास महंगे सेनेटरी पैड्स खरीदने के पैसे नहीं हैं। इससे उनकी रोजी-रोटी का भी नुकसान होता है।